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मानदंडों का पालन नहीं करने वाले प्राइवेट यूनिवर्सिटी की मान्यता होगी रद्द- राज्यपाल

  • राज्यपाल रमेश बैस ने की प्राइवेट यूनिवर्सिटी की वस्तुस्थिति की समीक्षा
  • मान्यता रद्द करने का उच्च शिक्षा विभाग को निर्देश
  • झारखंड ओपेन यूनिवर्सिटी को लेकर राज्यपाल ने दिये निर्देश
  • झारखंड यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी के कैंपस में खाली  पड़े भवन को 3-4 माह में रेडी कर दें हैंडओवर
Ranchi : राज्य के वैसे प्राइवेट यूनिवर्सिटी जो विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) और सरकार के निर्धारित मानदंडों का पालन नहीं करते हैं, उसकी मान्यता रदद् होगी. राज्यपाल रमेश बैस ने यह निर्देश उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अधिकारियों को दिया. राज्यपाल गुरुवार को राजभवन में विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर रहे थे. बैठक में विभाग के अपर मुख्य सचिव केके खंडेलवाल, राज्यपाल के प्रधान सचिव डॉ. नितिन कुलकर्णी और विभाग के कई अधिकारी उपस्थित थे. समीक्षा बैठक में राज्यपाल रमेश बैस ने प्राइवेट यूनिवर्सिटी की वस्तुस्थिति की जांच रिपोर्ट देने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि जो भी यूनिवर्सिटी यूजीसी एवं सरकार द्वारा निर्धारित मानदंडों का पालन नहीं कर रहे हैं, उनकी मान्यता रद्द करने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई पर करें. इसे पढ़ें-रांची">https://lagatar.in/ranchi-autism-can-be-successfully-treated-with-stem-cell-therapy-in-raj-hospital/">रांची

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बैठक में राज्यपाल ने झारखंड ओपेन यूनिवर्सिटी की वस्तुस्थिति की समक्षा की. उन्होंने अधिकारियों को इसके आवश्यक स्टैच्यूट का गठन करने का निर्देश दिया. राज्यपाल को बताया गया कि 2010-2018 अवधि के लिए स्टैच्यूट के गठन की संबंधी फाइल की वित्त विभाग की सहमति मिल गयी है. राज्यपाल ने कहा कि यूनिवर्सिटी के पास काम करने की कोई जगह नहीं है, तो अगस्त माह से कैसे अधिकारी काम करेंगे. उन्होंने निर्देश दिया कि झारखंड यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी (झारखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय) के कैंपस में एक भवन है, जो किसी उपयोग में नहीं है. उसकी जल्द से जल्द आवश्यक मरम्मत करके उसे तीन से चार माह के अंदर बनाये और उसे झारखंड ओपेन यूनिवर्सिटी को हैंडओवर किया जाये. राज्यपाल ने कहा कि प्राइवेट यूनिवर्सिटी के कुलपतियों के साथ समीक्षा बैठक में पाया गया था कि यूनिवर्सिटी की स्थिति ठीक नहीं है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मान्यता प्रदान करने के पहले अधिकारी यह सुनिश्चित कर लें कि उसके पास पर्याप्त भूमि, भवन एवं आधारभूत संरचना उपलब्ध है. पहले यह नियम था कि यूनिवर्सिटी चलाने के लिए 3 वर्ष में अपना भवन एवं आधारभूत संरचना की उपलब्धता जरूरी होता है. इसे भी पढ़ें-विश्व">https://lagatar.in/world-hepatitis-day-organizing-program-in-rims-health-minister-said-disease-will-run-away-from-cleanliness/">विश्व

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झारखंड यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी (जेयूटी) के स्टैच्यूट निर्माण की वस्तुस्थिति की समीक्षा करते हुए राज्यपाल ने कहा, बीते 23 मई को इसे अमल में लाने का निर्देश उन्होंने दिया था. राज्यपाल को बताया गया कि स्टैच्यूट निर्माण की संचिका कार्मिक विभाग में है. शीघ्र ही यह जारी हो जाएगी. वहीं, नीलांबर-पीताम्बर विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन का हस्तांतरण की वस्तुस्थिति की समीक्षा करते राज्यपाल ने निर्देश दिया कि यूनिवर्सिटी को शीघ्र ही भवन हस्तांतरित करें. [wpse_comments_template]  

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