Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

सरना, मसना, घुमकुड़िया निर्माण में स्थानीय जनप्रतिनिधि की नहीं ली जाती अनुशंसा- भानु

Advertisement
Advertisement
  Ranchi :  झारखंड विधानसभा में गुरूवार को भाजपा विधायक भानु प्रताप शाही ने गुरुवार को सदन में सवाल उठाया. उन्होंने सरकार से पूछा कि क्या यह सही है, कल्याण विभाग अंतर्गत सरना, ममसना, सरना, धुमकुड़िया भवन, तालाब एवं अनुसूचित जनजाति क्षेत्रों में पीसीसी पथ निर्माण में स्थानीय जनप्रतिनिधि के अनुशंसा किये बिना ही परियोजनाओं के प्रशासनिक स्वीकृति दी जा रही है. इसे भी पढ़ें - संविदाकर्मियों">https://lagatar.in/there-is-no-age-limit-for-retirement-contractual-workers-but-ttps-lalpania-removed-60-years-old-lambodar/">संविदाकर्मियों

के रिटायरमेंट की उम्र सीमा नहीं, पर TTPS ललपनिया ने 60 वर्ष वालों को हटाया : लंबोदर महतो

निर्माण के लिए जिलों से अधियाचना प्राप्त होती है - चंपई सोरेन 

कल्याण मंत्री चंपई सोरेन ने खंडन करते हुए कहा है कि उपयुक्त निर्माण के लिए जिलों से अधियाचना प्राप्त होती है. तथा जनप्रतिनिधियों (सांसद - विधायकों) से अनुसंशा प्राप्त होती है. इसी अनुशंसा एवं जिलों से मिले अधियाचना पर उपलब्ध संसाधनों को ध्यान में रखते हुए विभाग द्वारा स्वीकृति प्रदान की जाती है. विभागीय स्वीकृति के उपरांत एक करोड़ से ऊपर के प्राक्कलन पर विभाग द्वारा तथा एक करोड़ के अंतर्गत प्राक्कलन पर जिला उपायुक्त द्वारा प्रशासनिक स्वीकृति दी जाती है. इसे भी पढ़ें -सत्यपाल">https://lagatar.in/there-will-be-a-cbi-inquiry-into-the-allegations-of-satyapal-malik-an-offer-of-300-crores-was-received-on-the-files-of-the-rss-and-business-house-in-jammu-and-kashmir/">सत्यपाल

मलिक के आरोपों की CBI जांच होगी, जम्मू कश्मीर में संघ और बिजनेस घराने की फाइलों पर 300 करोड़ का ऑफर मिला था [wpdiscuz-feedback id="s83j9x6lb3" question="Please leave a feedback on this" opened="1"][/wpdiscuz-feedback]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही