Ranchi: रांची विश्वविद्यालय में घंटी आधारित सहायक प्राध्यापकों को अनुबंध पर बहाल करना है. इसके लिए 10 अक्टूबर को इंटरव्यू लोहरदगा में होगा. वहीं घंटी आधारित अनुबंध संघ इस बहाली का विरोध कर रहीं है, जबकि विश्वविद्यालय प्रशासन इंटरव्यू करवाने के मूड में है. बहाली को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन और संघ आमने सामने आ गये हैं. वहीं सहायक प्राध्यापकों के अभ्यर्थी असमंजस में हैं कि इंटरव्यू के लिए लोहरदगा जाएं या नहीं. विज्ञापन जारी होने के पहले दिन से ही संघ का विरोध जारी है. बता दें कि 8 अक्टूबर को रांची विश्वविद्यालय के घंटी आधारित सहायक प्राध्यापक संघ रांची विश्वविद्यालय के कुलपति अजीत कुमार सिन्हा से मुलाकात कर उन्हें अपनी मांग पत्र सौपेंगे. इसे भी पढ़ें –
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रांची विश्वविद्यालय के घंटी आधारित अनुबंध संघ की मांग है कि पहले से जो नियुक्त हैं, उनकी समस्याओं का विश्वविद्यालय समाधान करे, तब नई बहाली करे. रांची विश्वविद्यालय के अंदर आने वाले सभी विभागों और सभी कॉलेजों में कार्यरत घंटी आधारित शिक्षकों का एक निश्चित मानदेय लागू करे. निश्चित मानदेय का नहीं होने से छुट्टियों के दिनों में ना के बराबर मानदेय मिलता है. इससे घर खर्च चलाने में कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है. इसे भी पढ़ें –
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झारखंड के लगभग 800 घंटी आधारित शिक्षक अपनी मांगो को ले कर राजभवन के सामने हड़ताल पर बैठे थे. लगभग दो सप्ताह तक धरने पर बैठे रहने के बाद रांची विश्वविद्यालय के कुलपति के आश्वासन के बाद धरना खत्म कर दिया गया था. [wpse_comments_template]
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