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एकीकृत अवकाश तालिका में जल्द सुधार करें, अन्यथा होगा राज्यव्यापी आंदोलन: उर्दू शिक्षक संघ

Ranchi: झारखंड राज्य उर्दू शिक्षक संघ केंद्रीय कमेटी की बैठक केंद्रीय महासचिव अमीन अहमद की अध्यक्षता में हुई. बैठक में संघ के सभी राज्य प्रतिनिधियों द्वारा एकीकृत वार्षिक अवकाश तालिका का जोरदार विरोध किया गया. उन्होंने कहा कि यदि इसमें जल्द विभाग द्वारा सुधार नहीं किया गया, तो राज्यव्यापी आंदोलन की योजना बनाई जाएगी. बैठक के बाद एक मेमोरंडम राज्य परियोजना निदेशक सह निदेशक जेसीईआरटी रांची को सौंपा गया, जिसमें कहा गया कि एकीकृत वार्षिक अवकाश तालिका 2025 में व्याप्त त्रुटियों में सुधार किया जाए और उर्दू तथा सामान्य विद्यालयों के लिए पृथक अवकाश तालिका जारी की जाए. यदि ऐसा नहीं होता है, तो वर्तमान अवकाश तालिका को स्वीकार नहीं किया जाएगा. इसे भी पढ़ें - ईडी-इनकम">https://lagatar.in/ed-income-tax-raided-the-premises-of-black-money-rich-saurabh-sharma-in-bhopal-gwalior-jabalpur/">ईडी-इनकम

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उर्दू विद्यालयों की वार्षिक अवकाश तालिका में समस्याएं

संघ के केंद्रीय महासचिव ने कहा कि जेसीईआरटी के पत्रांक 30 अगस्त 2024 द्वारा वर्ष 2025 से राज्य के उर्दू विद्यालयों और सामान्य विद्यालयों के लिए पृथक अवकाश तालिका प्रकाशित किए जाने की स्वीकृति दी गई थी, लेकिन शैक्षिक वर्ष 2025 के लिए जारी एकीकृत वार्षिक अवकाश तालिका में इसका ध्यान नहीं रखा गया. इसके कारण राज्य के उर्दू विद्यालयों में पूर्व अवकाश तालिका से उत्पन्न समस्याएं यथावत बनी रही हैं.

संघ ने गिनाई अवकाश तालिका की गलतियां

संघ ने वर्ष 2025 के लिए जारी की गई एकीकृत वार्षिक अवकाश तालिका में व्याप्त त्रुटियों की ओर ध्यान आकर्षित किया. उनका कहना था कि राज्य के उर्दू और सामान्य विद्यालयों के लिए पृथक अवकाश तालिका प्रकाशित किए जाने की स्वीकृति के बावजूद ऐसा नहीं किया गया. संघ ने यह भी कहा कि राज्य के प्रारंभिक विद्यालयों में पूर्व की तरह जिला स्तर पर ही वार्षिक अवकाश तालिका का निर्धारण किया जाना बेहतर रहेगा, ताकि अलग-अलग जिलों में स्थानीय पर्व-त्योहारों के अनुसार छुट्टियां मिल सकें. संघ ने यह भी बताया कि एक समान वार्षिक अवकाश तालिका 2024 में रविवार के दिनों में पड़ने वाले अवकाश की गणना शून्य अंकित की गई थी, जिसके कारण कई जिलों के उर्दू विद्यालय खुले रहे. इस त्रुटि की पुनरावृत्ति 2025 की एकीकृत अवकाश तालिका में भी हुई है. विभागीय आदेशानुसार राज्य के उर्दू विद्यालयों में शुक्रवार को साप्ताहिक अवकाश होता है, लेकिन एकीकृत अवकाश तालिका में आठ शुक्रवारों को अवकाश का दिन शामिल किया गया, जिससे उर्दू विद्यालयों की छुट्टियां 55 दिनों के बजाय 47 दिनों तक सीमित हो गई हैं.

उर्दू विद्यालयों के लिए अन्य सुझाव

संघ ने यह भी सुझाव दिया कि अलविदा जुमा, रमजान माह का अंतिम शुक्रवार और शब-ए-बारात की छुट्टियों को स्थानीय अवकाश श्रेणी से हटाकर सभी विद्यालयों के लिए एक समान रूप से घोषित किया जाए, ताकि सभी छात्र-छात्राओं को इसका लाभ मिल सके. इसके अलावा, ग्रीष्मकालीन अवकाश को 12 दिनों के बजाय कम से कम 17 दिनों का किया जाए, जिसकी भरपाई जनवरी में दिए गए पांच शीतकालीन अवकाश से की जा सकती है. संघ ने यह भी कहा कि एकीकृत अवकाश तालिका में 13 फरवरी को शब-ए-बारात और 6 जुलाई को मुहर्रम की छुट्टी को सही तरीके से दर्शाया जाए, क्योंकि ये दिन विद्यालयों के बंद रहने वाले तीसरे शनिवार के अंतर्गत आते हैं. इसके अतिरिक्त, दीपावली की छुट्टी 20 अक्टूबर को मंगलवार अंकित की गई है, जबकि वह सोमवार होनी चाहिए, जिससे भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो सकती है. मेमोरंडम की प्रतिलिपि संबंधित अधिकारियों को सौंपी गई. संघ ने मेमोरंडम की प्रतिलिपि प्रभारी सचिव, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, उप निदेशक जेसीईआरटी, प्रशासी पदाधिकारी और झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद को भी दी है.

यदि समाधान नहीं हुआ, तो मंत्री से मिलेंगे

संघ के केंद्रीय महासचिव अमीन अहमद और प्रवक्ता शहजाद अनवर ने बताया कि अगर शिक्षा विभाग इस मुद्दे पर जल्द निर्णय नहीं लेता, तो वे विभागीय मंत्री से मिलकर पूरी स्थिति से अवगत कराएंगे. इस बैठक में केंद्रीय अध्यक्ष अब्दुल माजिद, महासचिव अमीन अहमद, उपाध्यक्ष साबिर अहमद, नाजिम अशरफ, शहजाद अनवर, मकसूद जफर हादी, एनामुल हक, डॉ. वकील अहमद रिजवी, मो. फखरूद्दीन, गुलाम अहमद, शाहिद अनवर, अब्दुल गफ्फार, तौहीद आलम, सरवर आलम और असरार अहमद शामिल थे. इसे भी पढ़ें -लातेहार:">https://lagatar.in/family-kept-sleeping-thief-absconds-with-jewelery-worth-lakhs/">लातेहार:

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