Kaushal Anand Ranchi: झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) द्वारा दायर टैरिफ पीटिशन पर झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग ने कुछ बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा है. जेबीवीएनएल द्वारा दिये गए आय-व्यय के ब्यौरे पर आयोग को संदेह है. इस बाबत पूरी जानकारी मांगी गयी है. गौरतलब है कि सात दिसंबर 2021 को जेबीवीएनएल ने वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए नया एनुअल रेवन्यू रिक्यावरमेंट (एआरआर) के साथ नयी टैरिफ का प्रस्ताव झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग के पास जमा कर चुका है. इसे पढ़ें- 16">https://lagatar.in/jdu-president-lalan-singh-will-come-to-ranchi-on-16th-workers-preparing-for-the-program/">16
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16 से 17 प्रतिशत तक है टैरिफ बढ़ाने का प्रस्ताव
झारखंड बिजली वितरण निगम द्वारा वित्तीय वर्ष 2022-22 के लिए 16-17 प्रतिशत टैरिफ बढ़ाने का प्रस्ताव है. जेबीवीएनएल द्वारा एनुअल रिपोर्ट में कुल 6500 करोड़ रुपये का नुकसान दिखाया गया है. विगत दो वित्तीय वर्ष से बिजली दरों में बढ़ोतरी नहीं होने के कारण बिजली खरीद और आपूर्ति में 6500 करोड़ का गैप दिखाया गया है. वहीं चालू वित्तीय वर्ष में आयोग द्वारा निर्णय नहीं लिए जाने के कारण कुल 1800 करोड़ का नुकसान दिखाया गया है. ओवरऑल जेबीवीएनएल ने अपनी रिपोर्ट में वित्तीय वर्ष 2022-23 में 9000 करोड़ का खर्च दिखाया गया है. जिस पर आयोग ने स्क्रूटनी के दौरान संदेह व्यक्त किया है और निगम से अपडेटेड डाटा मांगा है. इसके लिए निगम को एक सप्ताह का समय दिया गया है. इसे भी पढ़ें- राजधानी">https://lagatar.in/criminals-fearless-in-the-capital-2-people-killed-in-two-separate-incidents/">राजधानीमें अपराधी बेखौफ, दो अलग-अलग घटनाओं में 2 लोगों की हत्या
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