बंटवारे पर जल्द शुरू होगा काम, बनी ये रणनीति
इमरजेंसी में भी रहेगी सेकेंड लाइन
33 केवी की सेकेंड लाइन इस तरह बिछाई गई है कि इमरजेंसी में भी इसका इस्तेमाल आसानी से किया सकता है. सिटी में मानसून की एंट्री हो चुकी है. मौसम में परिवर्तन के साथ-साथ बारिश भी होने लगी है. इस मौसम में बिजली की बड़ी समस्या हो जाती है. हल्की आंधी -बारिश में भी शहर में घंटों बिजली गायब हो जाती है. कई स्थानों पर शार्ट सर्किट, तार जलने, तार टूटने जैसी समस्याएं भी होती हैं. इसकी मरम्मत में काफी समय लग जाता है, जिस कारण घंटों लोगों को बगैर बिजली के ही रहना पड़ता है. अंडरग्राउंड चार किमी 33 केवी लाइन के शुरू होने के बाद अब हरमू और पुंदाग के लोगों को बिजली संकट से जूझना नहीं पड़ेगा. अब हरमू फीडर से फॉल्ट होता है, तो पुंदाग लाइन से हरमू फीडर को बिजली दी जा सकेगी, जिससे इमरजेंसी में भी लोगों को बिजली की आपूर्ति हो सकेगी.पहले एक ही 33 केवी लाइन थी
पुंदाग सब स्टेशन को 33 केवी हटिया-कांके लाइन से अब बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो पाएगी. पहले यह सब स्टेशन सिर्फ एक ही 33 केवी लाइन से जुड़ा था. इस लाइन के ब्रेक डाउन हो जाने के बाद बिजली की बड़ी समस्या होती थी. फॉल्ट होने के बाद पुंदाग सब स्टेशन बंद हो जाता था. लेकिन 33 केवी हरमू-पुदांग के चालू हो पाने के बाद पुंदाग सब स्टेशन दो 33 केवी लाइन से जुड़ गया है. 33 केवी हटिया-पुंदाग-कांके के ब्रेकडाउन होने की स्थिति में भी पुंदाग सब स्टेशन को 33 केवी हरमू- पुंदाग लाइन से बिजली मिल जाएगी. इसे भी पढ़ें – मोदी">https://lagatar.in/supreme-courts-seal-on-sits-clean-chit-to-modi-said-there-is-no-merit-in-zakias-appeal/">मोदीको एसआईटी की क्लीन चिट पर सुप्रीम कोर्ट की मुहर, कहा- जकिया की अपील में कोई मेरिट नहीं [wpse_comments_template]

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