Ranchi : झारखंड सरकार के पथ निर्माण विभाग ने पूर्व कार्यपालक अभियंता मथुरा प्रसाद को बड़ी राहत देते हुए उनकी 100 प्रतिशत पेंशन बहाल करने का आदेश जारी किया है. यह निर्णय झारखंड उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में लिया गया है. इसके तहत उन्हें 1 सितंबर 2012 से पूर्ण पेंशन का लाभ मिलेगा.
मथुरा प्रसाद गिरिडीह में ग्रामीण कार्य विभाग में कार्यपालक अभियंता के पद पर कार्यरत थे. उनके खिलाफ वर्ष 2003-04 में एक सड़क निर्माण कार्य से जुड़े मामले में कार्रवाई की गई थी.
आरोप था कि ठेकेदार द्वारा जमा किए गए जाली बिटुमिन इनवॉइस के आधार पर भुगतान किया गया, जिससे सरकारी राजस्व को नुकसान हुआ. मामले की जांच के बाद वर्ष 2013 में उनकी पेंशन में 25 प्रतिशत की स्थायी कटौती का दंड लगाया गया था.
मथुरा प्रसाद ने इस आदेश को झारखंड उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी. मामले में विभिन्न याचिकाओं और अवमानना वाद पर सुनवाई के बाद अदालत ने सरकार को पूरे मामले की समीक्षा कर नया निर्णय लेने का निर्देश दिया था.
सरकार द्वारा जारी नए आदेश के अनुसार वर्ष 2013 और वर्ष 2025 में जारी दंड संबंधी आदेशों को रद्द कर दिया गया है. इसके बाद मथुरा प्रसाद को सेवानिवृत्ति की तिथि से 100 प्रतिशत पेंशन का लाभ मिलेगा.
हालांकि सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि सरकारी राजस्व को हुई क्षति की भरपाई के लिए उनके पेंशन एरियर से 5.39 लाख रुपये की वसूली की जाएगी. कटौती के बाद बची राशि पर उन्हें 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी दिया जाएगा.
आदेश में यह भी कहा गया है कि उनकी निलंबन अवधि को पेंशन के उद्देश्य से सेवा में व्यवधान नहीं माना जाएगा. हालांकि उस अवधि के लिए जीवन निर्वाह भत्ते के अतिरिक्त कोई अन्य भुगतान नहीं किया जाएगा.
राज्यपाल की स्वीकृति के बाद जारी इस आदेश की प्रति संबंधित विभागों को आगे की कार्रवाई के लिए भेज दी गई है.
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