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राहत : कड़कड़ाती ठंड में रैन बसेरा बन रहा गरीबों का ठिकाना

बस स्टैंड रैन बसेरा के एक कमरे में नगर निगम और एक हॉल में एक परिवार का है कब्जा पिछले साल बनाया गया था दो अस्थाई रैन बसेरा, इस बार नहीं पड़ी आवश्यकता Gaurav Prakash Hazaribagh : हजारीबाग जिले में इन दिनों कड़ाके की ठंड पड़ रही है. शीतलहरी ने आम खास सभी लोगों का जीवन प्रभावित किया है. शहर में कई लोग हैं जो बाहर से आकर काम करते हैं और सड़क किनारे ही रात गुजार देते हैं. ऐसे लोगों के लिए यह कंपकंपी रात मुसीबत से कम नहीं है. रैन बसेरा या फिर आश्रय स्थल ऐसे लोगों के लिए सुरक्षित ठिकाना है. हजारीबाग में पिछले साल दो से तीन रैन बसेरा बनाया गया था. इसमें एक स्थाई तौर पर बस स्टैंड के निकट है और दूसरा छठ तलाब के पास बनाया गया था. लेकिन इस बार अस्थाई तौर पर कहीं भी रैन बसेरा नहीं बनाया गया है. इसे भी पढ़ें– सलीम-शोहराब-रुस्तम">https://lagatar.in/sushma-baraik-was-shot-by-the-shooter-of-salim-shorab-rustom-gang/">सलीम-शोहराब-रुस्तम

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बस स्टैंड आश्रय स्थल में लगी है 37 चौकियां

पदाधिकारी भी कहते हैं कि इसकी जरूरत नहीं है, इस कारण अस्थाई रूप से रैन बसेरा नहीं बनाया गया. हजारीबाग के बस स्टैंड के निकट जो आश्रय स्थल है, वहां 37 चौकी लगाए गए हैं. रहने के लिए गर्म कंबल, गद्दा, चादर, तकिया और रूम हीटर की व्यवस्था निगम प्रशासन ने किया है ताकि जो व्यक्ति आश्रय स्थल में रात गुजारने के लिए पहुंचे, उसे कोई परेशानी न हो. https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/01/RRR-2.jpg"

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काफी कम संख्या में पहुंचते हैं लोग : इंचार्ज

आश्रय स्थल के इंचार्ज रामजी कुशवाहा बताते हैं कि प्रत्येक दिन 10 से 15 व्यक्ति रात गुजारने के लिए आश्रय स्थल पहुंच जाते हैं. इनके रहने के लिए किसी भी तरह का चार्ज नहीं लिया जाता है. वे लोग आधार कार्ड के आधार पर रजिस्टर मेंटेन करते हैं. आश्रय स्थल में शौचालय की भी व्यवस्था है. लेकिन बहुत ही कम संख्या में व्यक्ति आते हैं. रात में अगर किसी को सड़क किनारे वे लोग देख लेते हैं, तो उसे आश्रय स्थल लाया जाता है.

आश्रय स्थल पर कब्जा

आश्रय स्थल के एक कमरा में नगर निगम के कर्मी पिछले कई महीने से रह रहे हैं. वहीं तीसरे तल पर एक परिवार पिछले एक साल से रह रहा है. ऐसे में कहना गलत नहीं होगा कि आश्रय स्थल में कब्जा भी हुआ है. तीन तल वाले आश्रय स्थल के निचले तल पर दो कमरे हैं. दूसरे तल पर एक हॉल और तीसरे तल पर भी एक हॉल और एक रूम बनाया गया है. ऐसे में रहने के लिए पर्याप्त जगह है. कर्मी भी बताते हैं कि अगर कोई आता है, तो हम लोग रहने के लिए इंतजाम कर देते हैं. इसे भी पढ़ें– JAC">https://lagatar.in/jac-released-the-10th-12th-datesheet-see-when-is-the-exam-for-which-subject/">JAC

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बेहतर है हजारीबाग का आश्रय स्थल : मुसाफिर

आश्रय स्थल में रात बिताने के लिए पहुंचे मुसाफिर चंदन कुमार वर्मा बताते हैं कि वह पटना से हैं. किसी काम के सिलसिले में वह आये थे. ठंड काफी अधिक है, ऐसे में उसने आश्रय स्थल में रात बिताई. यहां का इंतजाम ठीक है. गया से आए प्रदीप प्रसाद बताते हैं कि हम लोग फेरीवाले हैं. दिन भर काम करते हैं. रात बिताने के लिए आश्रय स्थल पहुंच जाते हैं. ठंड को देखते हुए यहां इंतजाम भी किया गया है. गरीब लोगों के लिए आश्रय स्थल रहने का बेहतर ठिकाना है. https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/01/RRR-3.jpg"

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लोगों के लिए नि:शुल्क व्यवस्था : नगर आयुक्त

हजारीबाग नगर आयुक्त प्रेरणा दीक्षित ने बताया कि पिछले दिनों आश्रय स्थल का उन लोगों ने औचक निरीक्षण करवाया था. इस दौरान चार रूम हीटर और कंबल की व्यवस्था करवाई गई थी. यहां रहने के लिए किसी भी तरह का शुल्क नहीं लगता है. वहीं उन्होंने कहा कि अभी हजारीबाग में और रैन बसेरा बनाने की आवश्यकता नहीं है. अलाव के लिए हम लोग लकड़ी की व्यवस्था चौक-चौराहों पर कर रहे हैं. अगर जरूरत पड़ेगी, तो आगे देखा जाएगा. [wpse_comments_template]

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