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महंगाई के मोर्चे पर राहत, थोक महंगाई दर फरवरी में घटकर 0.2 फीसदी पर आयी

 
NewDelhi :  महंगाई के मार्चे पर राहत भरी खबर है. फरवरी माह में थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) आधारित मुद्रास्फीति घटकर 0.2 प्रतिशत हो गयी है. इससे पहले जनवरी में थोक महंगाई दर  0.27 फीसदी, दिसंबर में 0.73 प्रतिशत और नवंबर में 0.26 फीसदी रही थी. इससे पहले अप्रैल से अक्टूबर तक होलसेल प्राइस इंडेक्स नकारात्मक रही थी. वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने बयान जारी कर इस बात की जानकारी दी है.

फरवरी में सब्जियों की महंगाई दर 19.78 फीसदी रही

आकंड़ों के अनुसार, फरवरी माह में खाद्य सामग्री की महंगाई दर 6.95 प्रतिशत रही, जो जनवरी में 6.85 फीसदी रही थी. वहीं सब्जियों की महंगाई दर 19.78 फीसदी रही, जो जनवरी में 19.71 प्रतिशत थी. वहीं दालों की थोक महंगाई दर फरवरी में 18.48 फीसदी रही, जो जनवरी में 16.06 फीसदी थी. हालांकि जनवरी की तुलना में फरवरी में बने प्रोडक्ट्स के मूल्य सूचकांक में कोई बदलाव नहीं हुआ है. वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अनुसार, होलसेल प्राइस इंडेक्स पर आधारित मुद्रास्फीति की वार्षिक दर फरवरी 2024 के लिए 0.20 प्रतिशत (अस्थायी) है, जो फरवरी 2023 से अधिक है.

महंगाई निगेटिव में रहना इकोनॉमी के लिए सही नहीं

थोक महंगाई दर निगेटिव रहने से इसका इकोनॉमी पर प्रभाव पड़ता है. इसे डिफ्लेशन कहा जाता है. निगेटिव महंगाई तब होती है, जब वस्तुओं की आपूर्ति, मांग से ज्यादा हो जाती है. इससे दाम गिर जाते हैं और कंपनियों का प्रॉफिट घट जाता है. प्रॉफिट घटता है तो कंपनियां वर्कर्स को निकलाती है और अपने कुछ प्लांट या स्टोर भी बंद कर देती है.

खुदरा महंगाई दर में मामूली गिरावट

बता दें कि राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) ने बुधवार को रिटेल महंगाई के आंकड़े जारी किये थे. फरवरी माह में भारत की रिटेल महंगाई दर में मामूली गिरावट आयी है. फरवरी माह में खुदरा महंगाई दर 5.1% से घटकर 5.09 फीसदी पर आ गयी है. इससे पहले जनवरी में खुदरा महंगाई दर 5.10% रही थी. वहीं दिसंबर 2023 में खुदरा महंगाई दर 5.69%, नवंबर में 5.55%, अक्टूबर में 4.87% और सिंतबर में महंगाई दर 5.02% रही थी. [wpse_comments_template]
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