Bokaro News: जिले को पूरी तरह से बाल विवाह मुक्त बनाने के संकल्प के साथ सहयोगिनी संस्था ने 'जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन नेटवर्क' के सहयोग से एक व्यापक जन-जागरूकता अभियान शुरू किया है. इस अभियान के तहत समाज में अहम प्रभाव रखने वाले विभिन्न धर्मगुरुओं और धार्मिक नेताओं को सीधे तौर पर जोड़कर बाल विवाह के खिलाफ सशक्त माहौल तैयार किया जा रहा है.
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संस्था के निदेशक गौतम सागर ने बताया कि संस्था के कार्यकर्ता जिले के जरीडीह, कसमार, पेटरवार, गोमिया, चंद्रपुरा और बेरमो प्रखंडों में सक्रिय रूप से अभियान चला रहे हैं.
सहयोगिनी के कार्यकर्ता विभिन्न मंदिरों, मस्जिदों, गुरुद्वारों और गिरजाघरों में जाकर पुजारियों, इमामों, ग्रंथियों और पादरियों से सीधा संपर्क साध रहे हैं. धर्मगुरुओं को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के कड़े कानूनी प्रावधानों, सजा और बाल विवाह से बच्चों के मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले गंभीर दुष्प्रभावों की विस्तृत जानकारी दी जा रही है.
धर्मगुरुओं से अपील की जा रही है कि वे किसी भी सूरत में नाबालिगों के विवाह से जुड़े रीति-रिवाजों का हिस्सा न बनें. अभियान के प्रभाव से धार्मिक नेताओं ने बाल विवाह न कराने और समाज को जागरूक करने का संकल्प लिया है.
सहयोगिनी के निदेशक गौतम सागर के अनुसार, धर्मगुरुओं की भागीदारी से ग्रामीण व कस्बाई इलाकों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है और लोग अब इस सामाजिक कुरीति के खिलाफ मुखर हो रहे हैं.
इस अभियान को धरातल पर सफल बनाने में संस्था के रवि कुमार राय, सूरजमानी देवी, सोनी कुमारी, विकास कुमार, सुनीता देवी, विनोद कुमार यादव, अनिल कुमार हेम्ब्रम और अजय कुमार सहित कई कार्यकर्ता सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं.
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