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रेमडेसिविर इंजेक्शन कालाबाजारी केस: दुर्गापुर, बोकारो और गिरिडीह भेजे गये थे इंजेक्शन, कई लोगों पर होगा आरोप तय

Ranchi : कोरोना काल में रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी मामले जांच में कई अहम खुलासे हुए हैं. मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी की जांच में खुलासा हुआ है कि रांची के हिनू में स्थित सृष्टि अस्पताल के साथ साईं कृपा दवाखाना में 250 रेमडेसिविर इंजेक्शन दिया गया था. बता दें कि साईं कृपा दवाखाना का संचालन सृष्टि अस्पताल परिसर में ही होता है. साईं कृपा दवाखाना द्वारा सेल इनवॉइस में छेड़छाड़ कर जाली कागजात तैयार किए गए थे. इसके अलावा काफी मरीजों को बिना रेमडेसिविर का इंजेक्शन लगाए ही, इंजेक्शन लगाया हुआ दिखा दिया गया. एसआईटी जांच में खुलासा हुआ है, कि साईं कृपा दवाखाना से इंजेक्शन का गबन किया गया, फिर उसे दुर्गापुर, गिरिडीह और बोकारो भेजा गया. एसआईटी ने साईं कृपा दवाखाना के कंप्यूटर का हार्ड डिस्क जब्त कर उससे उड़ाए गए सभी डाटा को रिकवर किया. इसमें खुलासा हुआ है कि साईं कृपा दवाखाना को इंजेक्शन का सरकारी रेट पता होने के बावजूद भी उसे महंगे दाम पर बेचा गया. इस मामले में एसआईटी जल्द ही तीसरा आरोप पत्र दायर करेगी, जिसमें कई लोगों पर आरोप गठित होगा. एसआईटी की रिपोर्ट पर ही साईं कृपा दवाखाना का ड्रग लाइसेंस रद्द कर दिया गया है. इसे भी पढ़ें - उत्तराखंड">https://lagatar.in/supreme-courts-stay-on-uttarakhand-high-courts-order-bulldozers-will-not-run-on-4365-families-settled-on-railway-land-in-haldwani/">उत्तराखंड

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कालाबाजारी मामले में केस दर्ज कर सुस्त हो गई ईडी

कोरोना महामारी के दौरान जीवन रक्षक दवा रेमडेसिविर इंजेक्शन की रांची में कालाबाजारी मामले की जांच को टेकओवर कर ईडी सुस्त पड़ गई. एक साल बीतने के बाद भी मामले की जांच में तेजी नहीं आ पायी है. बीते 24 दिसंबर 2021 को ईडी ने रेमडेसिविर की कालाबाजारी मामले में दो नामजद आरोपियों के खिलाफ मनी लाउंड्रिंग का मामला दर्ज किया था. ईडी ने रांची के कोतवाली थाना में 29 अप्रैल 2021 को दर्ज प्राथमिकी और सीआइडी की 26 जून 2021 को दाखिल चार्जशीट के आधार पर केस दर्ज किया है.

रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी का मामला सामने आया था

रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी का यह बहुचर्चित मामला तब सामने आया था, जब कोरोना महामारी की दूसरी लहर के बीच लोगों की जान जा रही थी. तब रांची पुलिस की टीम ने कालाबाजारी मामले में कांके रोड निवासी राजीव कुमार सिंह को गिरफ्तार किया था. इस मामले में रांची के कोतवाली थाने में प्राथमिकी दर्ज हुई थी. इसके बाद इस केस के अनुसंधान की जिम्मेदारी सीआइडी को मिली थी. सीआइडी ने गिरफ्तार राजीव कुमार सिंह को जेल भेज दिया था. हाईकोर्ट के आदेश पर रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी मामले के अनुसंधान के लिए सीआईडी के तत्कालीन एडीजी अनिल पाल्टा के नेतृत्व में गठित एसआइटी को दी गई थी. इसे भी पढ़ें - पूर्व">https://lagatar.in/former-mla-nirmala-devi-got-bail-from-the-high-court/">पूर्व

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