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धनबाद में अतिक्रमण हटाओ अभियान, आंखों में धूल झोंकने के समान

Dhanbad: शहर में अतिक्रमण हटाओ अभियान सिर्फ आईवास है. कुछ छोटे दुकानदार, ठेले व खोमचे वाले को रोजी-रोटी से महरुम कर लोगों की आंखों में धूल झोंका जा रहा है. इधर बड़े बड़े कॉमर्शियल कांप्लेक्स अपनी मनमानी करते रहते हैं, जिन्हें प्रशासन से खुली छूट मिली हुई है. इस तरह की कार्रवाई पर आम लोग तो चर्चा करते ही हैं, निगम की इनफोर्समेंट टीम और दुकानदारों के बीच इन्हीं बातों को लेकर तीखी बहस भी देखने को मिल रही है.

   नीचे दुकान तो ऊपर मकान, पार्किंग नदारद

शहर में एक हजार से अधिक कॉमर्शियल का कांप्लेक्स हैं, जहां नीचे दुकान तो ऊपर मकान बने हुए हैं. कुछ कांप्लेक्स में दुकान के साथ निजी कंपनियों के कार्यालय और शैक्षणिक संस्थान भी चल रहे हैं. हालांकि एक-दो को छोड़ किसी के भी बेसमेंट में पार्किंग की सुविधा नहीं है. यहां आने वाले लोगों के वाहन सड़क पर कब्जा जमाये रहते हैं, जिससे निगम टैक्स भी वसूलता है.

    इन जगहों पर नहीं है पार्किंग की सुविधा

धनबाद का दिल कहे जाने वाले बैंक मोड़ में शांति भवन, राजेंद्र मार्केट, उर्मिला टावर, श्रीराम प्लाजा, श्री लक्ष्मी कांप्लेक्स के बेसमेंट में पार्किंग की सुविधा ही नहीं है. यहां आने वाले लोग सड़क के आगे वाहन खड़ा कर देते हैं और फिर घंटों व्यस्त रहते हैं. यहीं से नगर निगम पार्किंग शुल्क भी वसूलता है. यही हाल सिटी सेंटर, प्रभातम मॉल, कोला कुसमा स्थित रिलायंस स्मार्ट बाजार व हीरापुर के शंकर मॉल का भी है. इनमें से कुछ जगहों पर पार्किंग की सुविधा तो है, बावजूद आगे सड़क पर वाहन खड़े मिलते हैं और चार्ज भी वसूला जाता है. इन भवनों को बनाने वाले बिल्डर कहते हैं कि पार्किंग की सुविधा है.  मगर कहां, यह आम आदमी को पता ही नहीं है.

 राजनीतिक शह पर सब कुछ संभव

झारखंड बनने के बाद धनबाद में तेजी से कॉमर्शियल कांप्लेक्स का निर्माण हुआ है. मगर राजनीतिक शह पर बिल्डरों का काम आसान होता गया और शहर का हर कोना कंक्रीट के जंगल में तब्दील होता चला गया. नक्शे की सारी खामियां अधिकारियों ने दूर कर दी. बर्षों बाद जब कार्रवाई की बात उठी तो निगम के अधिकारी झमाड़ा पर आरोप लगा कर पल्ला झाड़ खुद बचते रहे हैं.

 अग्निकांड के बाद रेस हुए थे निगम के अधिकारी

धनबाद में इस वर्ष जनवरी 2023 में आशीर्वाद टावर अग्निकांड के बाद निगम के अधिकारी रेस हुए थे. कॉमर्शियल कांप्लेक्स में अग्निशमन यंत्र के साथ बेसमेंट की जांच भी शुरू हुई. सिटी सेंटर के बेसमेंट में चल रही 40 दुकानों को नोटिस भी भेजा गया था. इसके बाद बिल्डिंग का निर्माण कराने वाले बिल्डर सुरेंद्र जिंदल हाईकोर्ट चले गए और इसी के साथ अभियान पर विराम गया. फिर तो बहाना मिल गया और अन्य किसी जगह पर कार्रवाई के लिए निगम के अधिकारी हिम्मत ही नहीं जुटा सके.

 कॉमर्शियल कांप्लेक्स पर भी होगी कार्रवाई : कार्यपालक पदाधिकारी

नगर निगम के कार्यपालक पदाधिकारी मो अनीस इन सारे सवालों के जवाब में कहते हैं कि कई कॉमर्शियल कांप्लेक्स के बेसमेंट में दुकान चल रही है, इसकी जानकारी है. अभी हर दिन अभियान चला रहे हैं. कॉमर्शियल कांप्लेक्स के खिलाफ भी कार्रवाई होगी. [wpse_comments_template]

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