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रिम्स की छोटी-छोटी खामियों को करें दूर : अपर मुख्य सचिव

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  • जिन्हें व्यवस्था पर ध्यान रखने के लिए किया गया था नियुक्त, वो भी असहाय
  • स्वैच्छिक रक्तदान शिविर के आयोजनकर्ताओं को किया सम्मानित
Ranchi : राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में शुक्रवार को स्वैच्छिक रक्तदान शिविर के आयोजनकर्ताओं को सम्मानित किया गया. अपर मुख्य सचिव अरुण कुमार सिंह ने उन्हें उत्कृष्ट कार्य के लिए स्मृति चिह्न व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया. इस मौके पर कहा कि रिम्स की छोटी-छोटी खामियों को दूर करें. प्रवेश द्वार पर गेट टूटा हुआ है. नाम नहीं लिखा हुआ है, ये दुर्भाग्यपूर्ण है. डीएमएस कर्नल डॉ शैलेश त्रिपाठी को इन्हीं व्यवस्था पर ध्यान रखने के लिए नियुक्त किया गया था, लेकिन वो भी असहाय हैं.

रक्तदान करने के लिए प्रेरित करना जरूरी

अपर मुख्य सचिव ने कार्यक्रम में उपस्थित रक्तवीरों को नमन करते हुए कहा कि रक्त की आवश्यकता हमेशा होती है. ऐसे में लोगों को रक्तदान करने के लिए प्रेरित करना जरूरी है. विभागीय स्तर पर हमारी कोशिश होगी कि रक्तदान अभियान राज्य भर में चले. अपने आसपास के लोगों को प्रेरित कर इन्होंने रक्तदान के लिए तैयार किया है. यह एक बड़ा महादान है. कई बार आवश्यकता के अनुसार रक्त उपलब्ध नहीं हो पाता है. इसे और बेहतर करने की जरूरत है.

 रक्तदाताओं को कैटेगरी बना कर किया जाएगा सम्मानित

अरुण सिंह ने कहा कि रिम्स के पास 2500 यूनिट रक्त संग्रह करने की क्षमता है. रक्त दाताओं को कैटेगरी बना कर उन्हें सम्मानित किया जाएगा. राज्य के 193 सीएचसी में ब्लड स्टोरेज यूनिट की स्थापना करेंगे. रांची व धनबाद सदर अस्पताल को छोड़ कर अन्य जिलों के सदर अस्पताल में ब्लड कंपोनेंट्स सेपरेशन यूनिटी नहीं है, जहां इसे स्थापित किया जाएगा.

 रिम्स की व्यवस्था सुधार के लिए किया जा रहा है काम

रिम्स निदेशक डॉ राजीव कुमार गुप्ता कहा कि रिम्स ब्लड बैंक में जितने रक्त की आवश्यकता होती है, उतना रक्तदान नहीं होता है. जिसकी वजह से रक्त की कमी होती है और लोगों को परेशानी होती है. इसलिए ज्यादा रक्तदान शिविर लगाने और जागरूकता लाने की आवश्यकता है. रिम्स प्रबंधन की ओर से व्यवस्था में सुधार लाने की कोशिश की जा रही है.

 रिम्स ब्लड बैंक की उपलब्धि  

  • रिम्स रक्त केंद्र में सालाना करीब 30500 से 32000 यूनिट रक्त संग्रह किया जाता है.
  • करीब 54000 से 56000 यूनिट रक्त और कंपोनेंट की आपूर्ति की जाती है.
  •  4500 से 5000 यूनिट स्वैच्छिक रक्तदान शिविर के आयोजन से एकत्र किया जाता है

इन्हें किया गया सम्मानित

नाम                                           कितना रक्त जुटाया कनेक्टिंग होप अन्नदान                                   1552 यूनिट मानवाधिकार फाउंडेशन                                   433 यूनिट रक्तदान एक पहचान                                          371 यूनिट प्रान्यास                                                            325 यूनिट जिनिया                                                             311 यूनिट संत जेवियर कॉलेज                                             301 यूनिट झारखंड एसटीएफ जगुआर                                      273 यूनिट जनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन, रिम्स                             235 यूनिट झारखंड राय यूनिवर्सिटी                                             209 यूनिट प्रणीता इंस्टीट्यूट ऑफ सांइसेज एवं हरमू अस्पताल        177 यूनिट विनोबा भावे यूनिवर्सिटी, हजारीबाग                                153 यूनिट शनि देव भक्त मंडली, जमशेदपुर                                 139 यूनिट भीबीडीए                                                                 134 यूनिट पंचायत भवन चांडिल                                                106 यूनिट

ये रहे मौजूद

सम्मान समारोह में रिम्स डीन डॉ विद्यापति, चिकित्सा अधीक्षक डॉ हीरेन्द्र बिरुआ, उपाधीक्षक डॉ शैलेश त्रिपाठी, जेएससीए के उपाध्यक्ष अजय नाथ शाहदेव, रांची जिला कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष संजय पांडेय मौजूद थे. इसे भी पढ़ें – मॉनसून">https://lagatar.in/7-ministers-will-answer-questions-related-to-the-chief-ministers-department-in-the-monsoon-session/">मॉनसून

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