Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

सीबीआई जांच का अनुरोध, SC ने केंद्र, NTA, CBI और बिहार सरकार को नोटिस भेजा, सुनवाई आठ जुलाई को

न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की अवकाशकालीन पीठ ने सीबीआई और बिहार सरकार से भी दो सप्ताह के भीतर जवाब मांगा  New Delhi :   सुप्रीम कोर्ट ने नीट-यूजी 2024 के प्रश्नपत्र लीक होने और अन्य अनियमितताओं के आरोपों की सीबीआई जांच के अनुरोध वाली याचिका पर आज शुक्रवार को केंद्र और एनटीए को नोटिस जारी किया है.  उच्चतम न्यायालय ने इस मामले में  केंद्र, एनटीए और अन्य को दो सप्ताह में जवाब देने को कहा. न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की अवकाशकालीन पीठ ने सीबीआई और बिहार सरकार से भी दो सप्ताह के भीतर जवाब मांगा. पीठ हितेन सिंह कश्यप द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी. पीठ ने कहा कि अन्य लंबित याचिकाओं के साथ जनहित याचिका पर आठ जुलाई को सुनवाई की जायेगी, जब सर्वोच्च अदालत गर्मी की छुट्टियों के बाद बैठेगी. ">https://lagatar.in/category/desh-videsh/#google_vignette">

      नेशनल खबरों के लिए यहां क्लिक करें इस क्रम में सुप्रीम कोर्ट ने नीट-यूजी विवाद पर विभिन्न उच्च न्यायालयों में लंबित मामलों को शीर्ष अदालत में हस्तांतरित करने के अनुरोध वाली राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की याचिका पर निजी पक्षों को नोटिस जारी किया है.

  इस दलील का संज्ञान लिया कि विभिन्न उच्च न्यायालयों में अनेक याचिकाएं लंबित हैं

न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की अवकाशकालीन पीठ ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के वकील की इस दलील का संज्ञान लिया कि विभिन्न उच्च न्यायालयों में अनेक याचिकाएं लंबित हैं जिनमें राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक’ (नीट-यूजी), 2024 को प्रश्नपत्र लीक होने और अन्य गड़बड़ियों के आरोपों में निरस्त करने की मांग की गयी है.  पीठ ने नोटिस जारी करने का आदेश देते हुए कहा कि आठ जुलाई को इस पर सुनवाई होगी.  इस बीच एनटीए ने कहा कि वह मामलों को उच्च न्यायालयों से उच्चतम न्यायालय में हस्तांतरित करने के अनुरोध वाली तीन अन्य याचिकाओं को वापस लेना चाहती है,  क्योंकि वे पांच मई को परीक्षा के दौरान समय बर्बाद होने के आधार पर 1,563 उम्मीदवारों को कृपांक (ग्रेस मार्क)  दिये जाने से संबंधित हैं.

1,563 अभ्यर्थियों को ग्रेस मार्क देने का फैसले निरस्त , 23 जून को पुन: परीक्षा देने का विकल्प 

एनटीए के वकील ने कहा कि मुद्दे का निपटारा हो गया है और वह 1,563 अभ्यर्थियों को दिये गये ग्रेस मार्क  को निरस्त करने के 13 जून के शीर्ष अदालत के आदेश के बारे में उच्च न्यायालय को सूचित कर देंगे.  नीट-यूजी परीक्षा को लेकर बढ़ते विवाद के बीच एनटीए ने गुरुवार को उच्चतम न्यायालय से कहा कि चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित नीट-यूजी, 2024 के 1,563 अभ्यर्थियों को ग्रेस मार्क देने के फैसले को निरस्त कर दिया गया है और उन्हें 23 जून को पुन: परीक्षा देने का विकल्प मिलेगा.

कई शहरों में विरोध प्रदर्शन हुए, सात उच्च न्यायालयों  में मामले दायर किये गये

बिहार जैसे राज्यों में प्रश्नपत्र लीक होने और प्रतिष्ठित परीक्षा में कई अन्य अनियमितताओं के आरोप लगे हैं. आरोपों के कारण कई शहरों में विरोध प्रदर्शन हुए और सात उच्च न्यायालयों एवं सर्वोच्च न्यायालय में मामले दायर किये गये. राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक’ (नीट-यूजी) देश भर के सरकारी और निजी संस्थानों में मेडिकल शिक्षा से जुड़े संबंधित पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए एनटीए द्वारा आयोजित की जाती है. [wpse_comments_template]  

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही