सभी लड़कियां साहिबगंज और पाकुड़ की
पीड़ित नाबालिग में 6 लड़कियों की उम्र 14 साल, 4 की उम्र 15 साल और 1 की उम्र 17 साल है. सभी लड़कियां साहिबगंज और पाकुड़ जिले की रहने वाली हैं. 4 लड़कियां साहिबगंज जिले की हैं. अधिकारियों के अनुसार, बेंगलुरु में लगभग 25 महिलाओं को देखा गया है, जिनमें से 11 नाबालिग थीं. इसलिए पहले उन्हें बचा लिया गया. राज्य सरकार द्वारा स्थापित एंटी-ह्यूमन-ट्रैफिकिंग यूनिट बच्चों और मानव तस्करों के बचाव के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है. तस्करी की गई महिलाओं के मामलों की जांच आपराधिक जांच विभाग द्वारा की जा रही है और जल्द ही अपराधी की पहचान कर ली जाएगी.नौकरी देने का लालच दिया गया था
मौके पर मौजूद नाबालिग लड़कियों ने कहा कि उन्हें नौकरी देने का लालच दिया गया था. इसलिए वह बाहर जाने को तैयार हो गई थी. एक पीड़िता ने कहा - हम निम्न आय वाले परिवार से हैं और हमें आश्वासन दिया गया था कि नौकरी दी जाएगी. वहां जाकर पता चला कि हम मानव तस्करी के शिकार हो गये हैं. इसे भी पढ़ें – उम्र">https://lagatar.in/janata-darbar-of-former-mp-prabhunath-singh-serving-life-imprisonment-in-rims/">उम्रकैद काट रहे पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह का रिम्स में लग रहा जनता दरबार [wpse_comments_template]

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