वायुसेना, आईटीबीपी और एनडीआरएफ
1200 फीट की ऊंचाई पर रोप-वे ट्रॉली में फंसे 48 पर्यटकों को रेस्क्यू करने के लिए आर्मी, वायुसेना, आईटीबीपी और एनडीआरएफ जवानों की तैनाती हुई थी. हादसे के दूसरे दिन वायुसेना, आईटीबीपी और एनडीआरएफ जवानों ने मोर्चा संभाला और एक-एक कर ट्रॉली में फंसे पर्यटकों को एयरलिफ्ट करना शुरू किया. दूसरे दिन ऊंची पहाड़ी होने के कारण शाम ढ़लने तक 32 पर्यटकों का ही रेस्क्यू किया जा सका. शेष बचे पर्यटकों का रेस्क्यू तीसरे दिन किया गया.डीसी जिम्मेवार: निशिकांत दुबे
झारखंड सरकार के पर्यटन मंत्री हफीजुल हसन समेत जिला प्रशासन के उच्च अधिकारी रेस्क्यू के दौरान घटनास्थल पर डटे रहे. स्थानीय सांसद निशिकांत दुबे हादसे के पहले दिन से ही घटनास्थल पर मौजूद थे. सुरक्षित रेस्क्यू करने पर हफीजुल हसन ने आर्मी, वायुसेना और एनडीआरएफ जवानों के प्रति आभार व्यक्त किया है. मंत्री के अनुसार मृतकों के आश्रितों को मुआवजा देने पर भी विचार किया जा रहा है. हादसे के लिए निशिकांत दुबे ने देवघर डीसी मंजूनाथ भजंत्री को जिम्मेवार ठहराते हुए उनकी बर्खास्तगी की मांग की है. डीसी ने रेस्क्यू पर संतोष जाहिर करते हुए मृतक परिवारों के प्रति शोक संवेदना व्यक्त की है. डीसी ने कहा कि हादसे की जांच की जाएगी. जांच में जो दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ कार्रवाई होगी. यह">https://lagatar.in/wp-admin/post.php?post=285452&action=edit">यहभी पढ़ें : देवघर : 14 अप्रैल को आजसू का जेल भरो आंदोलन [wpse_comments_template]

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