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झारखंड के विश्वविद्यालयों में शोधार्थियों को नहीं मिलता स्कॉलरशिप

 
Rajnish Prasad Ranchi : झारखंड के किसी भी विश्वविद्यालय में पीएचडी के लिए शोध करनेवाले विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप नहीं दिया जाता है. जिन शोधार्थियों का यूजीसी नेट जेआरएफ है, केवल उन्हें ही केंद्र सरकार द्वारा स्कॉलरशिप दिया जाता है., नेट या किसी अन्य परीक्षा द्वारा पीएचडी कर रहे शोधार्थियों को स्कॉलरशिप नहीं मिलता है. रांची विश्वविद्यालय के डीएसडब्ल्यू डॉ सुदेश कुमार साहु ने बताया कि रांची विश्वविद्यालय में मौलाना अब्दुल कलाम आजाद स्कॉलरशिप केवल अल्पसंख्यकों के लिए है. इसके तहत शोधार्थियों को प्रतिमाह 35000 हजार रुपए दिये जाते हैं. वहीं नीलांबर पीतांबर विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति डॉ. दीप नारायण यादव ने बतया कि विश्वविद्यालय के पास उतना फंड ही नहीं कि स्कॉलरशिप दिया जाए.

पड़ोसी राज्यों में मिलता है शोध के लिए स्कॉलरशिप 

पीएचडी के जानकारों का कहना है कि पड़ोसी राज्यों के बड़े विश्वविद्यालयों में पीएचडी कर रहे शोधार्थियों को स्कॉलरशिप के नाम पर कुछ न कुछ जरूर दिया जाता है., हालांकि सभी विश्वविद्यालयों में यह सुविधा नहीं है. जबकि झारखंड के एक भी विश्वविद्यालय में पीएचडी शोध के लिए स्कॉलरशिप नहीं दिया जाता है.

स्कॉलरशिप नहीं मिलने से होता है परेशानी

नेट या विश्वविद्यालय स्तर की परीक्षा क्वालिफाई करने के बाद पीएचडी में रजिस्ट्रेशन करवाने वाले शोधार्थियों को किसी प्रकार का स्कॉलरशिप नहीं मिलने के कारण शोधार्थी विश्वविद्यालय या शहर के बाहर शोध कार्य के लिए नहीं जा पाते हैं. इससे शोध का दायरा सिमट कर रह जाता है. झारखंड के विभिन्न विश्वविद्यालयों से पीएचडी कर रहे शोधार्थियों ने कहा कि अन्य राज्यों की तरह हमें भी स्कॉलरशिप दिया जाना चाहिए, ताकि हमें शोध कार्य में सुविधा हो. हमें विश्वविद्यालय की ओर से कोई आर्थिक सहायता नहीं मिलती है. इसे भी पढ़ें – झारखंड">https://lagatar.in/jharkhand-rjd-in-charge-jayprakash-narayan-will-come-to-ranchi-on-wednesday/">झारखंड

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