Search

रिजर्व बैंक की केंद्र सरकार को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 2.87 लाख करोड़ का डिविडेंड देने की घोषणा

New Delhi  : पश्चिम एशिया संकट के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था को उबारने के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया(RBI) ने अहम फैसला लिया है. खबर है कि RBI ने भारत सरकार को  वित्त वर्ष 2025-26 के लिए रिकॉर्ड 2.87 लाख करोड़ रुपये का डिविडेंड देने की घोषणा की है.  

 

यह अब तक का सबसे बड़ा सरप्लस ट्रांसफर करार दिया जा रहा है.  जानकारी के अनुसार रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के केंद्रीय निदेशक मंडल की 623वीं बैठक में इस फैसले पर मुहर लगी है.

 


बैठक की अध्यक्षता गवर्नर संजय मल्होत्रा ने की. बता दें कि इससे पूर्व वित्त वर्ष 2024-25 में RBI ने सरकार को 2.69 लाख करोड़ रुपये का डिविडेंड दिया था. 2023-24 की बात करें तो यह राशि 2.1 लाख करोड़ रुपये रही थी. 

 


जानकारों का कहना है कि लगातार बढ़ते डिविडेंड से साफ नजर आ रहा है कि केंद्रीय बैंक((RBI)  की आय और वित्तीय स्थिति दोनों मजबूत हुई हैं. RBI अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा खर्च और रिजर्व निकालने के बाद भारत सरकार को डिविडेंड के रूप में राशि प्रदान करता है. 

 


 दरअसल रिजर्व बैंक की कमाई के कई साधन है. उसका काम महज नोट छापने तक सीमित नहीं है. उसकी कमाई  विदेशी मुद्रा भंडार पर मिलने वाला ब्याज, सरकारी बॉन्ड में निवेश, डॉलर की खरीद-बिक्री सहित बैंकों को कर्ज देने पर ब्याज और करेंसी मैनेजमेंट से होती है.

 

  
अहम बात यह है कि रिजर्व बैंक भारत सरकार के बॉन्ड और विदेशी सरकारी बॉन्ड में निवेश करता है. इन पर मिलने वाला ब्याज इसकी कमाई में शामिल है. इसके अलावा RBI के पास डॉलर, यूरो, गोल्ड जैसी विदेशी संपत्तियां होती हैं.

 


रिजर्व बैंक इन्हें सुरक्षित निवेश में लगाकर ब्याज और रिटर्न कमाता है. एक बात और कि जब कमर्शियल बैंक ब्याज के तौर पर RBI से रेपो रेट पर पैसा लेते हैं, तो RBI को इसका ब्याज मिलता है.  बैंक को सरकारी सिक्योरिटीज खरीदने-बेचने से भी कमाई होती है     

 

     
रिजर्व बैंक  के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 में जोखिम प्रावधान और वैधानिक फंड में ट्रांसफर से पूर्व उसकी कुल आय बढ़कर लगभग 3.96 लाख करोड़ रुपये पहुंच गयी है.  

 

केंद्रीय बैंक की बैलेंस शीट की बात करें तो यह  20 फीसदी से ज्यादा बढ़कर लगभग 92 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गयी है. खबर यह भी है कि केंद्रीय बैंक  ने बैंकिंग सिस्टम में नकदी बनाये रखने के लिए 81,590 करोड़ रुपये की अस्थायी लिक्विडिटी भी डाली है.  

 

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें. 

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

बेहतर न्यूज़ अनुभव
ब्राउज़र में ही
//