Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

पुलिस लाइन के सरकारी क्वार्टर पर रिटायरकर्मियों का कब्जा, जर्जर भवन में रहने को मजबूर हैं जवान

Advertisement
Advertisement
Hazaribagh : हजारीबाग पुलिस लाइन के सरकारी क्वार्टर पर रिटायरकर्मियों का कब्जा है. कई पुलिसकर्मी सेवानिवृत्त हो चुके हैं, लेकिन उन्होंने सरकारी क्वार्टर नहीं छोड़ा है. वहीं पुलिस लाइन के कई बैरक भी खराब है. साथ ही शौचालय का भी अभाव है. वहीं विभाग की ओर से रिजेक्ट तीन भवनों में 15 जवानों के परिवार रह रहे हैं. ऐसे में वे लोग कभी भी हादसे के शिकार हो सकते हैं. जवानों के परिवार खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं, लेकिन मजबूरी वश उन जर्जर भवनों में रह रहे हैं. नाम नहीं छापने की शर्त पर जवान कहते हैं कि जो भी सरकारी क्वार्टर है, उस पर कुछ पदाधिकारी और कुछ रिटायर पुलिसकर्मियों का कब्जा है. दूसरे जिले में स्थानांतिरत होकर जाने वाले जवानों ने भी कई क्वार्टरों पर कब्जा कर रखा है. वह ड्यूटी तो दूसरे जिले में करते हैं, लेकिन परिवार को हजारीबाग पुलिस लाइन में रखते हैं. इस विषय में पुलिस एसोसिएशन के महामंत्री उपेंद्र कुमार ने इन बातों को पूर्व की बैठक में उठाया था. इसे भी पढ़ें- हजारीबाग:">https://lagatar.in/hazaribagh-walk-and-run-organized-amba-prasad-flagged-off/">हजारीबाग:

वॉक एंड रन का आयोजन, अंबा प्रसाद ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

क्या है मामला 

पुलिस लाइन में करीब ढाई सौ पुलिसकर्मियों के लिए नए और पुराने क्वार्टर हैं. इनमें कई क्वार्टर की स्थिति खराब है. किसी की छत कॉर्केट सीट की है, तो किसी का कॉर्केट सीट टूटा हुआ है. कई जवान किराए पर रहने को विवश हैं.

किस-किस बैरक में टपकता है पानी 

जवानों का कहना है कि अंग्रेजों के जमाने में घोड़ों के लिए बनाए गए अस्तबल को बाद में बैरक बना दिया गया. इसमें जवान रह रहे हैं. अस्पताल को भी बैरक में तब्दील कर दिया गया. टीना बैरक, आदिवासी बैरक, जिम बैरक, हरिजन बैरक, सीसीएल बैरक आदि भी जवानों के लिए है. इन बैरकों में दो सौ से अधिक जवान रहते हैं. सभी बैरक से पानी टपकता है. बरसात में जवान जहां-तहां बचने के लिए सुरक्षित जगह तलाशते रहते हैं.

शौचालय की स्थिति भी काफी खराब

बैरक के बगल में जवानों के लिए शौचालय बना हुआ है, लेकिन कई साल से उसकी स्थिति खराब है. एक माह पहले उसकी मरम्मत की गई, लेकिन ठेकेदार की लापरवाही की वजह से वह जाम रहता है. जिम बैरक में शौचालय ही नहीं है. उन्हें दूसरे के बैरक में शौच के लिए जाना पड़ता है. रात में दूसरे बैरक में जाने के क्रम में सांप-बिच्छू का भी खतरा रहता है. जवानों का यह भी कहना है कि पेयजल के लिए अतिरिक्त पानी की टंकी, डीप बोरिंग आदि की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए.

क्या कहते हैं एसपी

इस संबंध में जिले के एसपी मनोज रतन चोथे से पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि जर्जर बिल्डिंग को खाली करने की बात कही गई है. रिटायर होने के बाद भी जो क्वार्टर में रह रहे हैं, उन्हें नोटिस दिया जाएगा एवं एसडीओ से कहकर उन्हें खाली करवाया जाएगा. इसे भी पढ़ें- बेरमो">https://lagatar.in/bermo-coal-dispatch-and-work-to-agitation-postponed-after-talks-with-general-manager/">बेरमो

: महाप्रबंधक से वार्ता के बाद कोयला डिस्पैच और वर्क टू आंदोलन स्थगित 
[wpse_comments_template]
Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही