ईडी ने अमित अग्रवाल पर राजीव कुमार को फंसाने का आरोप लगाया
ईडी के मुताबिक, अधिवक्ता राजीव कुमार की जनहित याचिका (पीआईएल) मुख्य रूप से झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ थी. याचिकाकर्ता ने सीएम और उनके सहयोगियों पर अमित अग्रवाल सहित शेल कंपनियों के माध्यम से काला धन को सफेद करने का आरोप लगाते हुए सीबीआई जांच की मांग की थी. ईडी ने अमित अग्रवाल पर जनहित याचिका को प्रभावित करने के लिए राजीव कुमार को फंसाने का आरोप लगाया है. इसमें कहा है कि अमित अग्रवाल का कोलकाता पुलिस के साथ अच्छा संबंध और निकटता है. इसका इस्तेमाल उन्होंने अपने लाभ और जांच को भटकाने के लिए किया. राजीव कुमार ने उनसे संपर्क नहीं किया था. अमित अग्रवाल ने ही फर्जी तरीके से सोनू अग्रवाल के जरिए राजीव कुमार से संपर्क किया. सोनू अग्रवाल टेरर फंडिंग का आरोपी है, जिसकी जांच एनआईए कर रही है.अमित अग्रवाल ने कोलकाता पुलिस की मदद से क्वेस्ट मॉल में जाल बिछाया
कोलकाता के हरे स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में राजीव कुमार, शिव शंकर शर्मा और अन्य के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 2018 की धारा 7 ए और धारा 120 बी और आईपीसी की धारा 384 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी. इसमें शिकायतकर्ता अमित अग्रवाल ने कहा था कि राजीव कुमार ने न्यायाधीशों के अलावा सरकार और अदालत के अधिकारियों के नाम पर 10 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी थी. ईडी ने दावा किया है कि अमित अग्रवाल ने कोलकाता पुलिस की मदद से क्वेस्ट मॉल में जाल बिछाया. राजीव कुमार को 31 जुलाई को 50 लाख नकद लेते हुए रंगे हाथों पकड़वा दिया. बाद में ईडी ने इस मामले की जांच का जिम्मा लिया. इस मामले में ईडी के रांची जोनल कार्यालय में एक ईसीआईआर दर्ज किया गया.अमित अग्रवाल ने झूठ बोला था कि राजीव कुमार ने रिश्वत मांगी
ईडी ने कहा कि अमित अग्रवाल ने ही सोनू अग्रवाल के जरिए राजीव कुमार से संपर्क किया था. लेकिन अमित अग्रवाल ने पुलिस से की गयी अपनी शिकायत में झूठ बोला. कहा कि राजीव कुमार ने रिश्वत के बदले जनहित याचिका को खत्म करने के लिए उनसे संपर्क किया था. ईडी के मुताबिक, अमित अग्रवाल ने कोलकाता पुलिस के परिचित पुलिस अधिकारियों की मदद से राजीव कुमार को फंसाया. इसलिए रिश्वत का यह मामला और कुछ नहीं बल्कि जनहित याचिका (4290/2021) में सरकारी एजेंसियों को संकट में डालने और कानूनी लाभ हासिल करने से प्रेरित है. जांच के अनुसार, आज तक किसी सरकारी या अदालत के अधिकारी या एजेंसी ने अमित अग्रवाल से संपर्क नहीं किया. न ही राजीव कुमार ने किसी सरकारी अधिकारी के नाम का उल्लेख किया है. फिर भी अमित अग्रवाल ने अपनी शिकायत में बेबुनियाद आरोप लगाया कि राजीव कुमार ने उन्हें रुपये लेकर राहत दिलाने की बात कही थी. अमित अग्रवाल ने अपनी शिकायत में यह भी झूठ कहा कि राजीव कुमार ने उन्हें आश्वासन दिया था कि उनके बड़े संपर्क हैं और वे सरकारी एजेंसियों को चुप रखेंगे. अन्यथा उनका व्यवसाय बर्बाद कर देंगे.राजीव कुमार की तरह अमित अग्रवाल भी उतने ही दोषी
ईडी ने कहा है कि आरोपी राजीव कुमार ही नहीं बल्कि अमित अग्रवाल भी उतने ही दोषी हैं. अमित अग्रवाल ने स्वेच्छा से रिश्वत दी, जिसे राजीव कुमार ने स्वीकार किया. राजीव कुमार काे गिरफ्तार करा अमित अग्रवाल लाभ पाने के लिए एक बड़े साजिश के तहत काम कर रहे थे. राजीव कुमार की गिरफ्तारी के पीछे अमित अग्रवाल ही मुख्य साजिशकर्ता हैं. याचिकाकर्ता और जनहित याचिका के वकील को फंसाने के लिए कपटपूर्ण तरीके से यह कारनामा किया गया था. अमित अग्रवाल भी मनी लॉन्ड्रिंग के अपराध के लिए राजीव कुमार के साथ ही समान रूप से दोषी हैं. इसे भी पढ़ें – रांची">https://lagatar.in/900-anti-corruption-representatives-gathered-in-ranchi-saryu-said-corruption-is-a-big-disease/">रांचीमें जुटे 900 भ्रष्टाचार विरोधी प्रतिनिधि, सरयू ने कहा- करप्शन है बड़ी बीमारी [wpse_comments_template]

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