Kolkata : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर कोलकाता से बड़ी खबर आयी है. केंद्रीय गृह मंत्रालय से जुड़े अधिकारियों सहित देश के अर्धसैनिक बलों के सभी डीजी ने कोलकाता के साल्ट लेक सिटी में रविवार को अहम बैठक की.
बैठक करने का निर्देश चुनाव आयोग ने दिया था. सत्र की शुरुआत आईजी CRPF (राज्य समन्वयक) ने की. इस सत्र में राज्य की जमीनी सुरक्षा चुनौतियों और उनके समाधान पर विस्तार से मंथन किया गया.
राज्य में त्वरित प्रतिक्रिया टीमों (QRTs) की तैनाती, संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी, और संभावित तोड़फोड़ गतिविधियों को रोकने के लिए एंटी-सबोटाज उपायों की समीक्षा की गयी.
सूत्रों के अनुसार इस बार के चुनाव में लगभग ढाई लाख सुरक्षाबलों के जवानों की तैनाती राज्य में की गयी है. सर्वाधिक अहम बात यह है किसीआरपीएफ के पास मौजूद बुलेट प्रूफ मार्क्समैन बख्तरबंद वाहन पश्चिम बंगाल कई इलाकों में तैनात किये गये हैं.
इसकी संख्या 200 है. बुलेट प्रूफ मार्क्समैन की सबसे बड़ी खासियत इसकी बुलेट-रेसिस्टेंट बॉडी है. AK-47, SLR या INSAS राइफल से दागी गयी गोलियां इसे आसानी से भेद नहीं पाती.
खबर है कि कोलकाता में आयोजित इस उच्च-स्तरीय बैठक में CRPF, BSF, CISF, SSB और ITBP के महानिदेशकों ने जमीनी स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की. बैठक में राज्य पुलिस के शीर्ष अधिकारियों और चुनाव आयोग के पुलिस सलाहकार ने भी शिरकत की.
23 अप्रैल को होने वाले प्रथम चरण के मतदान में 152 निर्वाचन क्षेत्रों में वोट डाले जाएंगे. इसे ध्यान में रखते हुए समीक्षा बैठक बेहद अहम करार दी जा रही है.
बैठक में सुनिश्चित किया गया कि बंगाल का हर मतदाता बिना किसी भय, दबाव या बाधा के अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग करते हुए वोट डाल सके.
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