Ranchi: वैक्टर जनित रोगों के प्रबंधन और रोकथाम को लेकर राज्य में वीबीडी के राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. अनिल कुमार की अध्यक्षता में दो दिवसीय समीक्षात्मक सह प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस समीक्षात्मक सह प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागी के रूप में राज्य के आठ जिले रांची, दुमका, साहेबगंज, पाकुड़, गोड्डा, जामताड़ा, सरायकेला एवं खूंटी के जिला भीबीडी पदाधिकारी, जिला वीबीडी सलाहकार, मलेरिया निरीक्षक, एमटीएस, केटीएस और एफएलए नें भाग लिया. इसे पढ़ें-निलंबित">https://lagatar.in/ed-court-issues-summons-against-4-including-suspended-ias-pooja-singhals-husband-abhishek-jha/">निलंबित
IAS पूजा सिंघल के पति अभिषेक झा समेत 4 के खिलाफ ED कोर्ट ने जारी किया समन डॉ अनिल कुमार ने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य राज्य में वैक्टर जनित रोगों (मलेरिया, फाइलेरिया, डेंगू, चिकुनगुनिया, कालाजार और जापानीज ऐंसेफलाईटिस) से बचाव तथा नियंत्रण के लिए संचालित गतिविधियों की समीक्षा करना है ताकि संचालित गतिविधियों में उत्पन्न बाधाओं का निराकरण कर उनका सफल क्रियान्वयन किया जा सके. वैक्टर जनित रोगों की रोकथाम के लिए सही रणनीति तथा ससमय प्रबंधन करने का निदेश सभी जिलों का दिया गया, जिससे वैक्टर जनित रोगों के प्रसरण को नियंत्रित किया जा सके. उन्होंने सख्त चेतावनी देते हुए सभी जिलो को निर्देश दिया गया कि वैक्टर जनित रोग से संबंधित प्रतिवेदन का संधारण करें तथा ससमय तैयार कर राज्य को अवगत कराएं. जिससे राज्य स्तर पर रणनीति बनाई जा सके. साथ ही फाइलेरिया रोधी कार्यक्रम एमडीए का अनुश्रवण तथा मूल्यांकन कर फाइलेरिया पर नियंत्रण किया जा सके. उन्होंने समुदाय स्तर पर कार्य करने तथा कार्यो में गति लाने का निर्देश सभी जिलो को दिया. साथ ही वैक्टर जनित रोग की रोकथाम हेतु दवा प्रबंधन का प्रतिवेदन ससमय करने का भी निर्देश दिया. इसे भी पढ़ें-NCPCR">https://lagatar.in/birth-and-death-certificates-not-being-generated-on-time-even-after-taking-cognizance-of-ncpcr-citu/">NCPCR
के संज्ञान लेने के बाद भी समय पर नहीं बन रहे जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र : सीटू
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