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सहायक आचार्य परीक्षा का संशोधित रिजल्ट रद्द, नियुक्त शिक्षकों पर खतरा, जेटेट में आरक्षण का लाभ, फिर अनारक्षित कोटे में बन सकेंगे शिक्षक

Ranchi : सुप्रीम कोर्ट ने सहायक आचार्य नियुक्ति परीक्षा के संशोधित रिजल्ट को रद्द कर दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला दो दिन पहले 17 सितंबर को हुई सुनवाई में दिया. इसके साथ भास्कर प्रसाद व अन्य की ओर से नॉर्मलाइजेशन को लेकर दायर अवमानना याचिका परअब  अलग से सुनवाई होगी. मामले की अगली सुनवाई 28 अक्टूबर को होगी.
 
सुप्रीम कोर्ट की फाइल फोटो

Ranchi : सुप्रीम कोर्ट ने सहायक आचार्य नियुक्ति परीक्षा के संशोधित रिजल्ट को रद्द कर दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला दो दिन पहले 17 सितंबर को हुई सुनवाई में दिया. इसके साथ भास्कर प्रसाद व अन्य की ओर से नॉर्मलाइजेशन को लेकर दायर अवमानना याचिका परअब  अलग से सुनवाई होगी. मामले की अगली सुनवाई 28 अक्टूबर को होगी. 

 

सुप्रीम कोर्ट के फैसले का असर राज्य में नियुक्त हो चुके 11,300 सहायक आचार्य शिक्षकों पर पड़ेगी. इनमें से क़रीब 1500 सहायक आचार्य शिक्षकों की नौकरी पर खतरा मंडराने लगा है. इसके साथ ही यह स्पष्ट हो चुका है कि अगर किसी अभ्यर्थी ने जेटेट में आरक्षण का लाभ लिया है, उसके बाद भी वह अनारक्षित कोटे मैरिज के आधार पर शिक्षक बन सकेंगे.

 

संशोधित रिजल्ट रद्द होने की वजह से अनारक्षित श्रेणी में नियुक्त 1500 सहायक आचार्य शिक्षकों की नौकरी खत्म हो सकती है. क्योंकि क़रीब 1500 वैसे अभ्यर्थी, जो जेटेटे परीक्षा में अनारक्षित श्रेणी में थे, इस वजह से उन्हें सहायक आचार्य परीक्षा में आरक्षण का लाभ नहीं दिया गया और वह सफल नहीं हो सके.

 

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शिक्षक नियुक्ति परीक्षा में शामिल वैसे अभ्यर्थी, जो जेटेट आरक्षित वर्ग के लिए तय प्राप्तांक के आधार पर पास हुए थे, लेकिन नियुक्ति परीक्षा में उन्हें अनारक्षित वर्ग के बराबर या अधिक अंक था, वे अब अनारक्षित वर्ग में चयनित हो सकेंगे.

 

अनारक्षित वर्ग में चयनित वैसे अभ्यर्थी जिन्हें आरक्षित वर्ग की तुलना में नियुक्ति परीक्षा में कम अंक है, उनका रिजल्ट प्रभावित हो सकता है. संशोधित रिजल्ट में उनकी जगह आरक्षित वर्ग के वैसे अभ्यर्थी का चयन हो सकता है, जिन्हें जेटेट में तो कम अंक हैं, पर नियुक्ति परीक्षा में अधिक अंक हैं.

 

जेएसएससी द्वारा इसी साल फरवरी में जारी कट ऑफ के अनुसार अत्यंत पिछड़ा वर्ग व पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों का कट ऑफ लगभग सभी कोटि में अनारक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों से अधिक हैं.

 

राज्य में 26 हजार सहायक आचार्य नियुक्ति का रिजल्ट जारी होने के लगभग एक साल बाद फिर से संशोधित रिजल्ट निकाला जायेगा. इससे अब वैसे अभ्यर्थी शिक्षक पद पर चयनित हो सकेंगे, जिन्होंने शिक्षक पात्रता परीक्षा में आरक्षित वर्ग के लिए निर्धारित क्वालीफाइंग मार्क्स के आधार पर परीक्षा पास की है, पर नियुक्ति परीक्षा में उनका प्राप्तांक अनारक्षित वर्ग के बराबर या उससे अधिक हैं.

 

जेटेट में अलग-अलग है क्वालीफाइंग मार्क्स

जेटेट नियमावली 2012 अनुसार परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिए न्यूनतम प्राप्तांक 60% तय हुआ है. लेकिन एससी-एसटी, पिछड़ी जाति एवं विकलांग अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम प्राप्तांक 52% निर्धारित है. वर्ष 2012 व वर्ष 2016 के जेटेट के आधार पर ही सहायक आचार्य नियुक्ति परीक्षा में अभ्यर्थी शामिल हुए थे.

 

पहले संशोधित रिजल्ट से सफल हुए 1122 अभ्यर्थी हो गये थे बाहर

आयोग द्वारा पिछले वर्ष जारी संशोधित रिजल्ट में पहले के रिजल्ट में सफल लगभग 1122 अभ्यर्थी बाहर हो गये थे. कक्षा एक से पांच में पहले सफल 384 अभ्यर्थी संशोधित रिजल्ट में पास नहीं हो सके थे. इसी प्रकार कक्षा छह से आठ में विज्ञान एवं गणित में 207, भाषा में 246 एवं सामाजिक विज्ञान में पहले सफल हुए 285 अभ्यर्थी संशोधित रिजल्ट में अपनी जगह नहीं बना सके थे. इसके अलावा बाद में और रिजल्ट जारी हुआ था. ऐसे में अभ्यर्थियों की संख्या और बढ़ सकती है.

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