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रिम्स 52वीं शासी परिषद की बैठक संपन्न: 1300 करोड़ की लागत से तैयार होगी नई आधारभूत संरचना

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Ranchi: रिम्स में गुप्तचर एजेंसी के जरिए अब डॉक्टरों पर नजर रखी जाएगी. प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टरों की जानकारी जुटाकर एजेंसी रिम्स और विभाग को उपलब्ध कराएगी. जिसके बाद तथ्य के आधार पर डॉक्टरों पर कार्रवाई की जाएगी. इसके अलावा रिम्स के इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर करने को लेकर भी सहमति बनी है. इंफ्रास्ट्रक्चर में बदलाव के लिए 1300 करोड़ की अनुमानित राशि खर्चने पर मुहर लगाई गई है. इसके तहत चार भवनों का निर्माण किया जाएगा. जिसमें चाइल्ड केयर, मेटरनिटी केयर की 250 से 300 बेड की भवन होगी. सुपरस्पेशलिटी वार्ड में बेडों की संख्या 700 करने के लिए एक नए भवन का निर्माण किया जाएगा. पांच तल्ले के भवन का निर्माण चार हजार वर्ग फूट में किया जाएगा. जिससे ओपीडी में आने वाले मरीजों को बेहतर तरीके से एक जगह इलाज मिल सके. इस कार्ययोजना की स्वीकृति के लिए रिम्स के बाद अब मंत्रिपरिषद की स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा. वहां निर्णय होने के बाद ही फाइनल मुहर लगेगी. इसे भी पढ़ें-बहरागोड़ा:">https://lagatar.in/bahragora-40-cattle-loaded-on-truck-carrying-from-chhattisgarh-to-bengal-seized-four-arrested/">बहरागोड़ा:

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रोटेशन के आधार पर होंगे एचओडी

रिम्स जीबी की बैठक में रांची यूनिवर्सिटी के नियम के आधार पर सभी विभागों में एचओडी रोटेशनल आधार पर होंगे. एक एचओडी की अधिकतम अवधि दो साल की होगी. रांची यूनिवर्सिटी में एचओडी का रोटेशन दो साल की अवधि का ही होता है.

दस साल पूरा कर चुके चतुर्थ वर्गीय कर्मियों का होगा समायोजन

रिम्स में कार्यरत वैसे कर्मी जो अस्थायी तौर पर दस साल या उससे अधिक से कार्यरत हैं, उन्हें अब समायोजित किया जाएगा. रिम्स जीबी में लिए गए इस फैसले से करीब 75 लोग लाभांन्वित होंगे. पिछले दो साल से यह कर्मी अपनी मांग को लेकर प्रयासरत थे.

पीपीपी मोड पर संचालित होगी रिम्स में डायलिसिस यूनिट

रिम्स में पीपीपी मोड पर डायलिसिस यूनिट का अधिष्ठापन किया जाएगा. इसे लेकर आज मंत्रिपरिषद की बैठक में स्वीकृति दी गई. बता दें कि राज्य में रिम्स में अब 20 बेड का डायलिसिस यूनिट लगेगा. जिसमें रिम्स के भर्ती और बाहरी मरीज दोनों की डायलिसिस की जाएगी.

पैट सीटी स्कैन मशीन के लिए बर्लिन अस्पताल से करार पर मुहर

बैठक के दौरान कैंसर के मरीजों के पैट सीटी स्कैन के लिए बर्लिन अस्पताल से करार किया गया है. इस निर्णय के तहत रिम्स में भर्ती कैंसर के मरीजों को बर्लिन अस्पताल में जाकर उपचार करा पाएंगे. इसके लिए उन्हें पैसे का भुगतान रिम्स करेगी. रिम्स में पैट सीटी स्कैन मशीन की खरीदारी होने पर इसका लाभ मिल सकेगा.

रिम्स में अभियंत्रण कोषांग का होगा गठन

रिम्स अब अपना अभियंत्रण कोषांग का गठन करेगा. स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि पहले रिम्स में अपना अभियंत्रण कोषांग हुआ करता था, जो भवन निर्माण के अधीन चला गया था. इस कोषांग के गठन की स्वीकृति दी गई है. इस कोषांग में एक्जीक्यूटिव, असिस्टेंट इंजीनियर, जूनियर इंजीनियर सहित अन्य कर्मियों की बहाली की जाएगी. इसे भी पढ़ें-अधिवक्ताओं">https://lagatar.in/advocates-protest-at-rdba-main-gate-demand-for-investigation-of-financial-irregularities/">अधिवक्ताओं

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