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रिम्स निदेशक पर डाला जा रहा था करोड़ों के भुगतान का दबाव: बाबूलाल

Ranchi: नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि विगत दिनों हुई रिम्स शासी परिषद की बैठक में स्वास्थ्य मंत्री और विभागीय अधिकारियों के भ्रष्टाचार का विरोध करने और अनुचित भुगतान के आदेश को न मानने के कारण डॉ. राजकुमार जी को रिम्स निदेशक पद से हटाया जाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है. सोशल मीडिया पोस्ट पर कहा है कि शासी परिषद की हालिया बैठक में निजी डायग्नोस्टिक केंद्रों को बिना किसी अनुबंध के करोड़ों रुपये का भुगतान करने का दबाव स्वयं स्वास्थ्य मंत्री और विभागीय सचिव द्वारा रिम्स निदेशक पर डाला जा रहा था. इस दौरान विभागीय सचिव ने शासी परिषद की गरिमा को भी ठेस पहुंचाने की कोशिश की. अनुचित भुगतान का दबाव नहीं मानने के साथ ही निदेशक ने उस बैठक में अपने इस्तीफा तक दे देने की बात कह दी थी. https://twitter.com/yourBabulal/status/1913154654872953033

रिम्स में भ्रष्टाचार का खेल यूं ही चलता रहेगा अब सरकार ने रिम्स निदेशक को पद से हटाकर अपनी मंशा स्पष्ट कर दी है कि रिम्स में भ्रष्टाचार का खेल यूं ही चलता रहेगा. इससे पहले हेमंत सोरेन के पिछले कार्यकाल में भी अनुचित दबाव नहीं मानने के चलते रिम्स के कई निदेशकों को समय पूर्व इस्तीफ़ा देकर यहां से जाना पड़ा. यदि सरकार को गवर्निंग बॉडी की सलाह नहीं माननी, तो फिर औपचारिकता की बैठक करने से बेहतर इसे भंग कर देना ही उचित होगा. अत्यंत दुखद है कि हेमंत सोरेन ने राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल रिम्स को अपने संगठित भ्रष्टाचार का केन्द्र बना दिया है. इसे भी पढ़ें -हाईकोर्ट">https://lagatar.in/the-high-court-held-dfo-and-rccf-guilty-of-contempt-in-the-tetulia-case/">हाईकोर्ट

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