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रिम्स जीबी बैठक में 207 नई एंबुलेंस व 5 मोक्ष वाहिनी की खरीद पर लगी मुहर

Ranchi : राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) की गवर्निंग बॉडी (जीबी) की बैठक संपन्न हो गई, जिसमें कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए. बैठक में रिम्स में इलाज के दौरान किसी मरीज की मृत्यु होने पर उसके परिजनों को तत्काल 5000 रुपए की आर्थिक सहायता देने का फैसला किया गया है. यह भुगतान UPI के माध्यम से किया जाएगा ताकि सहायता राशि तुरंत उपलब्ध कराई जा सके.

 

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि संस्थान में तीन नए हाईटेक टेस्टिंग लैब खोले जाएंगे, जिससे मरीजों को बेहतर जांच सुविधाएं मिल सकें. इसके अलावा पांच नए शव वाहन और पांच नए मोक्ष वाहिनी खरीदे जाने की स्वीकृति दी गई है. एंबुलेंस की संख्या बढ़ाने के लिए 30 नए वाहनों का टेंडर पूरा हो चुका है और कुल 207 नई एंबुलेंस खरीदी जाएंगी.

 

त्योहारों को ध्यान में रखते हुए आउटसोर्स कर्मियों सहित एएनएम और जीएनएम नर्सों की सैलरी बढ़ाने का फैसला भी लिया गया है. दिवाली को देखते हुए अन्य कई कर्मियों के मानदेय में भी बढ़ोतरी की गई है.

 

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि रिम्स में इंटर्नशिप कर रहे डॉक्टरों को एम्स के तर्ज पर 30 हजार रुपए मानदेय दिया जाएगा. साथ ही, शिक्षण कार्य में लगे शिक्षकों को भी मानदेय देने का प्रस्ताव पारित किया गया.

 

एमआरआई सुविधा जल्द शुरू करने की दिशा में भी रिम्स प्रशासन ने कदम बढ़ाया है. वहीं, मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) द्वारा एमबीबीएस की 180 सीटें स्वीकृत की गई हैं.

 

रिम्स ने सीटें बढ़ाकर 250 करने का प्रस्ताव दिया था, जिसे प्रारंभिक स्तर पर अस्वीकार कर दिया गया, लेकिन अब इस पर अपील दायर की गई है. पीजी कोर्स की सीटें भी 176 से बढ़ाकर 250 करने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है.

 

इसके अलावा, रिम्स में नीट की तैयारी के लिए विशेष सुविधा शुरू करने का निर्णय भी लिया गया है. बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि गलत भुगतान किसी भी स्थिति में नहीं होने दिया जाएगा. रिम्स जीबी की अगली बैठक 12 नवंबर को आयोजित की जाएगी, जिसमें लिए गए निर्णयों की प्रगति की समीक्षा की जाएगी.

 

गरीब छात्रों को मुफ्त NEET कोचिंग दी जाएगी, जिसे MBBS के टॉपर छात्र पढ़ाएंगे. शिक्षकों को प्रति घंटे ₹2500 का मानदेय मिलेगा. ANM, GNM और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए दिवाली बोनस और वेतन वृद्धि की घोषणा भी की गई.

 

संस्थान में पारदर्शिता के लिए DPRO को हटाया गया और नए अधिवक्ताओं की नियुक्ति की जाएगी. सभी भवनों का फायर सेफ्टी ऑडिट होगा, जबकि MRI मशीन अगले माह तक इंस्टॉल की जाएगी.

 

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