Search

 
 
 

नौ महीने से नहीं हुई रिम्स गवर्निंग बॉडी की बैठक

 
Ranchi: डॉ. कामेश्वर प्रसाद के रिम्स में योगदान देने के बाद से अब तक यानी पिछले दो साल में हाईकोर्ट रिम्स को 17 बार फटकार लगा चुकी है. यह फटकार संस्थान में नियुक्ति, कार्यबल की अनुपलब्धता, मरीजों के इलाज, चिकित्सकों के बीच मनमुटाव, प्राइवेट प्रैक्टिस आदि को लेकर लगी है. हाईकोर्ट ने यह तक कह डाला कि निदेशक को इस्तीफा दे देना चाहिए, क्योंकि वे संस्थान नहीं चला पा रहे हैं. लगातार.">http://lagatar.in">लगातार.

इन
भी ऐसा इसलिए कह रहा है क्योंकि संस्थान को सही तरीके से संचालित कराने के लिए नियम है कि हर छह माह में शासी परिषद की बैठक हो. इस बैठक में विभिन्न एजेंडों पर चर्चा हो और सदस्यों की स्वीकृति के बाद उसे संस्थान हित में लागू किया जा सके. छह माह में होने वाली यह बैठक 9 माह बाद भी नहीं हो सकी है. अंतिम बार शासी परिषद की 54वीं बैठक 13 अप्रैल 2022 को हुई थी. इस बैठक में 13 एजेंडों पर चर्चा हुई थी. इसके बाद प्रबंधन ने 55वीं बैठक के लिए 6 दिसंबर 2022 का समय निर्धारित किया था, मगर स्वास्थ्य विभाग के एक बड़े अधिकारी और रिम्स गर्वनिंग बॉडी के महत्वपूर्ण सदस्य के दिल्ली जाने के कारण बैठक रद्द करनी पड़ी थी. जबकि बैठक रद्द होने के डेढ़ माह गुजर जाने के बाद भी नई तिथि की घोषणा नही हो सकी. इधर, 9 माह से रिम्स गर्वनिंग बॉडी की बैठक नही होने पर कांके विधायक सह जीबी के सदस्य समरी लाल ने रिम्स प्रबंधन पर कई गंभीर आरोप लगाएं हैं. समरी लाल का कहना है कि 6 दिसंबर को होने वाले बैठक से पूर्व पहली बार ऐसा हुआ था जब प्रबंधन द्वारा सिर्फ बैठक की सूचना दी गई थी, एजेंडा की कॉपी नही उपलब्ध कराई गई. उनका आरोप है कि निदेशक व स्वास्थ्य मंत्री अपने मन से एजेंडा निर्धारित कर शासी परिषद की बैठक में रखते हैं, यह नियम के खिलाफ है. पहले शासी परिषद के सभी सदस्यों से सुझाव मांगी जाती थी, उसी के आधार पर एजेंडा तैयार कर बैठक में प्रस्तुत किया जाता था. अब नियम के विरूद्ध की सारे निर्णय लिए जा रहे हैं.

नियम है कि बैठक से पहले सदस्यों से सुझाव लें, कम से कम 7 दिन पहले एजेंडा की कॉपी उपलब्ध कराएं

कांके विधायक समरी लाल का कहना है कि नियम यह है कि बैठक की तिथि घोषणा से पूर्व परिषद के सभी सदस्यों से सुझाव लिया जाना चाहिए. उन्ही सुझावों के अनुसार, एजेंडा निर्धारित करना चाहिए कि कौन-कौन से एजेंड़े को बैठक में रखा जाना चाहिए. इसके अलावा बैठक की तिथि से कम से कम 7 दिन पहले या संभव न हो तो 3 दिन पहले तक एजेंडे की कॉपी सभी सदस्यों तक भेजी जानी चाहिए. इससे पहले सभी बैठकों में एजेंडे की कॉपी उपलब्ध कराई गई, मगर इस बैठक के लिए प्रबंधन ने एजेंडे की कॉपी भी उपलब्ध नही कराई थी. एजेंडा उपलब्ध नहीं कराने के पीछे प्रबंधन व निदेशक की क्या मंशा थी इसकी जानकारी नही है. वहीं विधायक समरी लाल के आरोप पर रिम्स के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. राजीव रंजन ने कहा कि बैठक कब होनी है या कौन सा एजेंडा रखा जाना है, इसका निर्धारण स्वास्थ्य मंत्री के स्तर से होती है. जहां तक एजेंडे की कॉपी उपलब्ध नहीं कराए जाने की बात है तो इस संबंध में मुझे जानकारी नहीं है. [wpse_comments_template]            
Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही