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रिम्स : मरीज ने लगाया पैसे लेने का आरोप, सीटीवीएस विभाग के डॉ अंशुल को शोकॉज

Ranchi : एक सप्ताह पहले विभाग के हेड डॉ विनीत महाजन ने रिम्स प्रबंधन और बरियातू थाने में अपने विभाग के चिकित्सकों के खिलाफ शिकायत की थी. आरोप था कि उनके विभाग के चिकित्सक ऑपरेशन से पूर्व मरीजों से पैसे लेते थे, जिसके बाद ऑपरेशन के लिए समय का निर्धारण करते थे. इस आरोप के बाद रिम्स प्रबंधन ने चिकित्सा अधीक्षक के नेतृत्व में जांच कमेटी बनाई थी, जिसके बाद चिकित्सा अधीक्षक को डॉ. अंशुल के खिलाफ कुछ सूबूत मिले हैं. डॉ. अंशुल की देखरेख में भर्ती मरीज अब्दुल्ला मल्लिक ने रिम्स प्रबंधन को बताया कि ऑपरेशन से पूर्व डॉ. अंशुल कुमार ने उनसे 40 हजार रुपये नकद लिए थे. इसके अलावा तीन बार 1100 रुपये दवा के नाम पर भी वसूले थे. अब्दुल्ला ने चिकित्सा अधीक्षक को यह भी बताया कि रिम्स में पैसे लेने के बाद डॉ. अंशुल ने मरीज को प्राइवेट में डॉ. कुणाल हजारे के पास उनके क्लिनिक में जाने की बात कही. उसने डॉ. कुणाल हजारे के क्लिनिक की पर्ची भी साक्ष्य के तौर पर उपलब्ध कराई है. इसे भी पढ़ें-नीति">https://lagatar.in/cm-will-attend-niti-aayog-meeting-will-demand-special-package-on-drought/">नीति

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एडीए ने 48 घंटे में मंगा लिखित स्पष्टीकरण

इधर, जांच रिपोर्ट मिलने के बाद रिम्स के अपर निदेशक (प्रशासन) चंदन कुमार ने आदेश जारी करते हुए डॉ. अंशुल कुमार से 48 घंटे के भीतर लिखित स्पष्टीकरण की मांग की है. कहा है कि निर्धारित समय में स्पष्टीकरण नही देने पर समझा जाएगा कि वे दोषी हैं और उन्हें इस संबंध में कुछ नही कहना है.

स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त सचिव काे जांच करने का निर्देश

अपर निदेशक (प्रशासन) चंदन कुमार ने स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त सचिव जय किशोर प्रसाद को पत्राचार करते हुए डॉ. अंशुल कुमार के प्राइवेट प्रैक्टिस की जांच का निर्देश दिया है. पत्र में कहा गया है कि डॉ. अंशुल कुमार, सह प्राध्यापक, कार्डियाेथोरेसिक विभाग के विरुद्ध चिकित्सा अधीक्षक की अध्यक्षता में गठित जांच कमेटी में डॉ. कुणाल हजारे के निजी क्लिनिक में भेजने का जिक्र किया गया है. उन्होंने डॉ. अंशुल कुमार के प्राइवेट प्रैक्टिस से संबंधित शिकायत की जांच कर प्रतिवेदन उपलब्ध कराने की मांग की है.

मेरे खिलाफ लगे आरोप निराधार- डॉ अंशुल कुमार

वहीं सीटीवीएस विभाग के डॉ अंशुल कुमार ने कहा कि जो भी आरोप लग रहे हैं, सभी तथ्यहीन हैं. रिम्स में सीटीवीएस विभाग की शुरूआत मैंने और डॉ. राकेश चौधरी ने कराई है. पिछले तीन साल से अधिक समय से जटिल से जटिल ऑपरेशन हुए हैं. पहले तो कभी भी पैसों से संबंधित शिकायत नहीं आई. मरीजों को उकसा कर मेरे खिलाफ ऐसा कराया जा रहा है. जो भी आरोप लगे हैं सभी निराधार हैं.
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