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रिम्स : अराजपत्रित कर्मचारियों का अल्टीमेटम, 15 दिनों के बाद बाधित करेंगे ओपीडी

Ranchi : रिम्स के अराजपत्रित कर्मचारियों ने मंगलवार को निदेशक कार्यालय का घेराव किया. निदेशक कार्यालय के घेराव कार्यक्रम में रिम्स के स्थायी कर्मी, अनुबंध और दैनिक वेतनमान पर काम करने वाले कर्मी बड़ी संख्या में शामिल हुए. सुबह साढ़े ग्यारह बजे सभी अधीक्षक कार्यालय के पास से नारेबाजी करते हुए निदेशक कार्यालय तक पहुंचे. निदेशक कार्यालय में अकाउंट ऑफिसर और ओएस के सामने विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी की. हंगामा के बाद निदेशक चैंबर के पास धरने पर बैठ गये. निदेशक रांची से बाहर थे, जिसके बाद उन्हें फोन से सूचना दी गयी. फोन के माध्यम से उन्होंने वापस लौटने पर प्रतिनिधियों से मिलकर बात करने का आश्वासन दिया है. वहीं कर्मियों ने कहा कि अगर 15 दिनों में मांगें नहीं मानी गयी और इस बार भी ईपीएफ में कटौती हुई तो वे चरणबद्ध आंदोलन करेंगे. पहले दिन काला बिल्ला लगाकर काम करेंगे. उसके बाद मौन प्रदर्शन करेंगे. तीसरे दिन से ओपीडी व्यवस्था को ठप कर सकते हैं. इसे भी पढ़ें –राज्यसभा">https://lagatar.in/rajya-sabha-elections-aditya-sahu-of-bjp-and-mahua-maji-of-jmm-will-be-elected-unopposed-for-the-first-time-after-2014/">राज्यसभा

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सभी स्थायी कर्मियों का भी कट रहा है इपीएफ

अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के सदस्यों ने बताया कि रिम्स में सैंकड़ों कर्मचारी ऐसे हैं, जिनका ईपीएफ कट रहा है और वे स्थायी हैं. कर्मियों ने बताया कि इपीएफ कटने को अवैध इसलिए बता रहे हैं क्योंकि उनका पहले से एनपीएस न्यू पेंशन स्कीम योजना के तहत पैसा कट रहा है. एक साथ दोनों नहीं कट सकता. उन्होंने बताया कि करीब चार सालों से अवैध ठंग से रिम्स के कर्मियों का ईपीएफ कट रहा है. बार बार अनुरोध करने और पत्राचार करने के बाद भी कटौती पर रोक नहीं लग रहा है.

अब तक नहीं जमा की गयी है इसीआर रिपोर्ट

रिम्स के अराजपत्रित कर्मचारियों का कहना है कि मंत्री के आदेश के बाद भी अवैध ईपीएफ की कटौती हो रही है. मंत्री के कहने पर भी अब तक ईसीआर रिपोर्ट नहीं जमा की गयी है. बता दें कि अंतरराष्ट्रीय नर्सिंग दिवस के मौके पर स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने तत्काल प्रभाव से ईपीएफ में कटौती को रोक लगाने का आदेश दिया था. रिम्स अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ की आईबी रानी खलखो ने बताया कि जीबी में निर्णय होने के बाद भी दैनिक वेतनभोगियों और अनुबंध कर्मियों को अब तक स्थायी नहीं किया गया है. इसे भी पढ़ें – प्रधानमंत्री">https://lagatar.in/india-speaks-the-world-listens-under-the-leadership-of-pm-modi-deepak-prakash/">प्रधानमंत्री

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