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RINPAS मरीज मृत्यु केस: CJM कोर्ट ने कांके थाना को दिया FIR का आदेश, जयती शिमलइ को बनाया जायेगा आरोपी

Vinit Upadhyay Ranchi: RINPAS में मार्च महीने में एक मरीज की मृत्यु के बाद रांची सिविल कोर्ट में दाखिल किए गए कम्प्लेन केस पर सुनवाई हुई. कम्प्लेन केस पर सुनवाई करते हुए CJM की कोर्ट ने कांके थाना को इस मामले में FIR दर्ज करने का निर्देश दिया है. शिकायतकर्ता सोनू मुंडा के अधिवक्ता ईशान रोहन तिवारी ने अपनी बहस के दौरान अदालत से यह आग्रह किया कि तत्काल जयती शिमलइ का RINPAS से दूसरी जगह ट्रांसफर करने का आदेश दिया जाये, क्योंकि इस मामले में उनके ऊपर ही आरोप लग रहे हैं. अगर उनके रहते इस मामले की जांच होती है, तो वे अपने पद का दुरूपयोग कर जांच को प्रभावित कर सकती हैं. शिकायतकर्ता की बहस सुनने के बाद अदालत ने याचिका को निष्पादित करते हुए कांके थाना को CRPC की धारा 156 के तहत प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है. अदालत के आदेश के बाद केस के शिकायतकर्ता सोनू मुंडा के अधिवक्ता ईशान रोहन तिवारी ने शुभम संदेश अखबार और लगातार.इन को धन्यवाद देते हुए कहा कि इस कानूनी लड़ाई में काफी सहयोग मिला और सच को जनता के सामने लाने में काफी मदद मिली. इसे भी पढ़ें - BIG">https://lagatar.in/big-breaking-in-the-employment-policy-2016-case-the-supreme-court-dismissed-the-slp-reserved-the-appointments-order-to-issue-a-new-merit-list/">BIG

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कांके के सोनू मुंडा ने दायर की अपील

RINPAS में हुई इस गटना के बाद निदेशक जयती शिमलई के विरुद्ध कोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया था. रांची CJM (चीफ़ जयूडिशियल मेजिस्ट्रेट) की कोर्ट में कम्प्लेन केस दायर किया गया. कांके के रहने वाले सोनू मुंडा ने अपने अधिवक्ता ईशान रोहन तिवारी के माध्यम से परिवाद वाद दायर की. परिवाद वाद में यह तथ्य कोर्ट के समक्ष लाए गए हैं कि किस तरह जयती शिमलई की गाड़ी के कुचलने से वहां की एक महिला मरीज की मृत्यु को गई और RINPAS प्रबंधन ने मिलीभगत से इस पूरे मामले को दूसरा रूप दे दिया. कम्प्लेन केस में शुभम संदेश अखबार में प्रकाशित की गई खबरों का भी उल्लेख किया गया है. कम्प्लेन केस करने वाले अधिवक्ता ईशान रोहन तिवारी ने कहा है कि हर इंसान के जान की कीमत एक बराबर होती है. लेकिन जिस तरह से RINPAS में एक महिला मरीज की मृत्यु की घटना को पेड़ से गिरकर हुई मृत्यु बताया जा रहा है यह अन्याय है. जब तक मृतका को इंसाफ नहीं मिल जाता, तब तक वो कानूनी लड़ाई लड़ेंगे. बता दें कि रिनपास कैंपस में विक्षिप्त महिला कार की चपेट में आने से घायल हुई थी. जिसकी मृत्यु इलाज के दौरान हो गई. यह बात जयती सिमलई के स्पष्टीकरण से भी स्पष्ट है. लेकिन गंभीर स्थिति में जब विक्षिप्त महिला को रिम्स ले जाया गया, तब वहां झूठ बोला गया. कह दिया गया कि महिला करंज के पेड़ से गिर गई थी. 14 अप्रैल को विक्षिप्त महिला की मौत हो गई. इसके बाद रिम्स ओपी की पुलिस ने रिनपास की नर्सिंग स्टाफ सिस्टर मुनुरेन बारला का बयान दर्ज किया. मुनुरेन बारला ने पुलिस को बताया कि विक्षिप्त महिला पेड़ से गिर गई थी. उसे रिम्स में लाया गया. इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.

कार्रवाई करते उससे पहले ही मुझे हटा दिया गया - सुभाष सोरेन

रिनपास के तत्कालीन निदेशक डॉ. सुभाष सोरेन ने कहा कि दुर्घटना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने जयती सिमलई से स्पष्टीकरण मांगा था. उनका स्पष्टीकरण मिला भी. वह कार्रवाई करते, इसके पहले ही उन्हें निदेशक पद से हटा दिया गया. उनकी जगह जयती सिमलई को रिनपास का निदेशक बनाया गया. इसके बाद इस घटना से संबंधित दस्तावेज जयती सिमलई के पास ही रह गये. हालांकि डॉ. सुभाष दुर्घटना और स्पष्टीकरण का जवाब मिलने के दो माह तक निदेशक के पद पर ही थे. आज की तारीख में डॉ. सुभाष सोरेन रिनपास के ही दूसरे विभाग में कार्यरत हैं. इसे भी पढ़ें - शिक्षक">https://lagatar.in/teacher-recruitment-scam-woman-throws-slippers-on-partha-chatterjee-says-these-leaders-are-looting-public-money/">शिक्षक

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