Search

 
 
 

RINPAS मरीज की मृत्यु केस: कोर्ट ने स्वीकार की याचिका,26 को सुनवाई, घटना स्थल का CCTV फुटेज सुरक्षित करने की मांग

 
Vinit Upadhyay Ranchi: RINPAS में मार्च महीने में एक मरीज की मृत्यु के बाद रांची सिविल कोर्ट में दाखिल किए गए कम्प्लेन केस पर सुनवाई हुई. कम्प्लेन केस पर सुनवाई करते हुए CJM की कोर्ट ने याचिका को स्वीकार कर लिया है. सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता सोनू मुंडा के अधिवक्ता ईशान रोहन तिवारी ने बहस में कोर्ट को बताया कि जिस मरीज की मृत्यु हुई है, उसे वर्ष 1994 में RINPAS में एडमिट किया गया था. मार्च महीने में डॉ जयती शिमलई की गाड़ी से लगी गम्भीर चोट के कारण उसकी मौत हो गई. जहां दुर्घटना हुई उस क्षेत्र में गाड़ी ले जाना मना है, उसके बावजूद डॉ जयती अपनी कार लेकर वहां गईं. शिकायतकर्ता के वकील ईशान रोहन तिवारी ने कोर्ट से गुहार लगाते हुए कहा कि डॉ जयती शिमलई के खिलाफ FIR दर्ज करते हुए जांच का आदेश दिया जाए, या अदालत खुद संज्ञान लेकर दोषी के विरुद्ध सम्मन जारी करे. जिसके बाद कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 26 जुलाई की तारीख मुकर्रर की है. इसे भी पढ़ें - Corona">https://lagatar.in/corona-update-214-new-patients-found-in-last-24-hours-171-healthy-number-of-active-patients-in-the-state-1172/">Corona

update : बीते 24 घंटे में मिले 214 नये मरीज, 171 हुए स्वस्थ, राज्य में सक्रिय मरीजों की संख्या 1172

कांके के सोनू मुंडा ने किया है केस

गौरतलब है कि RINPAS की निदेशक जयती शिमलई के विरुद्ध रांची CJM (चीफ़ जयूडिशियल मजिस्ट्रेट) की कोर्ट में कम्प्लेन केस दायर किया गया है. कांके के रहने वाले सोनू मुंडा ने अपने अधिवक्ता ईशान रोहन तिवारी के माध्यम से परिवाद वाद दायर की है. परिवाद वाद में यह तथ्य कोर्ट के समक्ष लाए गए हैं कि किस तरह जयती शिमलई की गाड़ी के कुचलने से वहां की एक महिला मरीज की मृत्यु को गई और RINPAS प्रबंधन ने मिलीभगत से इस पूरे मामले को दूसरा रूप दे दिया. कम्प्लेन केस में शुभम संदेश अखबार में प्रकाशित की गई खबरों का भी उल्लेख किया गया है. कम्प्लेन केस करने वाले अधिवक्ता ईशान रोहन तिवारी ने कहा है कि हर इंसान के जान की कीमत एक बराबर होती है. लेकिन जिस तरह से RINPAS में एक महिला मरीज की मृत्यु की घटना को पेड़ से गिरकर हुई मृत्यु बताया जा रहा है, यह अन्याय है. जब तक मृतका को इंसाफ नहीं मिल जाता, तब तक वो कानूनी लड़ाई लड़ेंगे.

14 अप्रैल को हुई थी विक्षिप्त महिला की मौत

बता दें कि रिनपास कैंपस में विक्षिप्त महिला कार की चपेट में आने से घायल हुई थी. जिसकी मृत्यु इलाज के दौरान हो गई. यह बात जयती सिमलई के स्पष्टीकरण से भी स्पष्ट है. लेकिन गंभीर स्थिति में जब विक्षिप्त महिला को रिम्स ले जाया गया, तब वहां झूठ बोला गया. कह दिया गया कि महिला करंज के पेड़ से गिर गई थी. 14 अप्रैल को विक्षिप्त महिला की मौत हो गई. इसके बाद रिम्स ओपी की पुलिस ने रिनपास की नर्सिंग स्टाफ सिस्टर मुनुरेन बारला का बयान दर्ज किया. मुनुरेन बारला ने पुलिस को बताया कि विक्षिप्त महिला पेड़ से गिर गई थी. उसे रिम्स में लाया गया. इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. वहीं  रिनपास के तत्कालीन निदेशक डॉ सुभाष सोरेन ने कहा कि दुर्घटना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने जयती सिमलई से स्पष्टीकरण मांगा था. उनका स्पष्टीकरण मिला भी. वह कार्रवाई करते, इसके पहले ही उन्हें निदेशक पद से हटा दिया गया. उनकी जगह जयती सिमलई को रिनपास का निदेशक बनाया गया. इसके बाद इस घटना से संबंधित दस्तावेज जयती सिमलई के पास ही रह गये. हालांकि डॉ. सुभाष दुर्घटना और स्पष्टीकरण का जवाब मिलने के दो माह तक निदेशक के पद पर ही थे. आज की तारीख में डॉ. सुभाष सोरेन रिनपास के ही दूसरे विभाग में पदस्थापित हैं. इसे भी पढ़ें -कर्नाटक">https://lagatar.in/congress-mla-from-karnataka-attacked-his-own-leaders-said-some-people-made-wealth-for-three-four-generations-in-the-name-of-nehru-and-sonia-gandhi/">कर्नाटक

के कांग्रेस विधायक का अपने ही नेताओं पर हमला, कहा- कुछ लोग नेहरू और सोनिया गांधी के नाम पर तीन-चार पुश्तों के लिए दौलत बना ली 
Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही