Ranchi (Vinit Upadhyay) : रिनपास की निदेशक जयती शिमलई के विरुद्ध कोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया है. रांची CJM (चीफ जयूडिशियल मजिस्ट्रेट) के कोर्ट में कंप्लेन केस दायर किया गया है. कांके के रहने वाले सोनू मुंडा ने अपने अधिवक्ता ईशान रोहन तिवारी के माध्यम से परिवादवाद दायर किया है. इसमें यह तथ्य कोर्ट के समक्ष लाया गया है कि किस तरह जयती शिमलई की गाड़ी के कुचलने से वहां की एक महिला मरीज की मृत्यु हो गई. रिनपास प्रबंधन ने मिलीभगत से इस पूरे मामले को दूसरा रूप दे दिया. कंप्लेन केस में शुभम संदेश अखबार में प्रकाशित खबरों का भी उल्लेख किया गया है. अधिवक्ता ईशान रोहन तिवारी ने कहा है कि हर इंसान की जान की कीमत एक बराबर होती है. लेकिन जिस तरह से रिनपास में एक महिला मरीज की मृत्यु की घटना को पेड़ से गिरकर हुई मौत बताया जा रहा है, यह अन्याय है. जब तक मृतका को इंसाफ नहीं मिल जाता, तब तक वह कानूनी लड़ाई लड़ेंगे.
विक्षिप्त महिला कार की चपेट में आने से घायल हुई थी
बता दें कि रिनपास कैंपस में विक्षिप्त महिला कार की चपेट में आने से घायल हुई थी. जिसकी मृत्यु इलाज के दौरान हो गई. यह बात जयति सिमलई के स्पष्टीकरण से भी स्पष्ट है. लेकिन गंभीर स्थिति में जब विक्षिप्त महिला को रिम्स ले जाया गया, तब वहां झूठ बोला गया. कह दिया गया कि महिला करंज के पेड़ से गिर गई थी. 14 अप्रैल को विक्षिप्त महिला की मौत हो गई. इसके बाद रिम्स ओपी की पुलिस ने रिनपास की नर्सिंग स्टाफ सिस्टर मुनुरेन बारला का बयान दर्ज किया. मुनुरेन बारला ने पुलिस को बताया कि विक्षिप्त महिला पेड़ से गिर गई थी. उसे रिम्स में लाया गया. इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. जयति सिमलई से स्पष्टीकरण मांगा था
रिनपास के तत्कालीन निदेशक डॉ. सुभाष सोरेन ने कहा कि दुर्घटना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने जयति सिमलई से स्पष्टीकरण मांगा था. उनका स्पष्टीकरण मिला भी. वह कार्रवाई करते, इसके पहले ही उन्हें निदेशक पद से हटा दिया गया. उनकी जगह जयति सिमलई को रिनपास का निदेशक बनाया गया. इसके बाद इस घटना से संबंधित दस्तावेज जयति सिमलई के पास ही रह गये. हालांकि डॉ. सुभाष दुर्घटना और स्पष्टीकरण का जवाब मिलने के दो माह तक निदेशक के पद पर ही थे. आज की तारीख में डॉ. सुभाष सोरेन रिनपास के ही दूसरे विभाग में पदस्थापित हैं. [wpse_comments_template]
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