Ranchi: धुर्वा स्थित ऐतिहासिक जगन्नाथपुर मंदिर में बुधवार को नेत्रदान उत्सव के साथ भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा तीनों विग्रहों का अनुष्ठान शुरू हो गया है. शाम 5 बजे 108 दीपों की महाआरती के साथ ही श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए मंदिर के पट खोल दिए जाएंगे.
वहीं 16 जुलाई (गुरुवार) को शाम 5:01 बजे भगवान जगन्नाथ का रथ मौसीबाड़ी के लिए प्रस्थान करेगा, जो 25 जुलाई को वापस लौटेगी. प्रशासन और मंदिर न्यास समिति ने ऐतिहासिक रथयात्रा को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गाइडलाइंस जारी कर दी है.
16 जुलाई को निकलेगी ऐतिहासिक रथयात्रा
16 जुलाई को भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा निकाली जाएगी. मंदिर प्रबंधन ने बताया कि दोपहर 2 बजे तक श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे. इसके बाद दर्शन बंद कर दिए जाएंगे. दोपहर 2:30 से 3 बजे के बीच सुदर्शन चक्र, श्री गरुड़, लक्ष्मी-नरसिंह, बलभद्र स्वामी, माता सुभद्रा एवं भगवान जगन्नाथ के विग्रह रथ के लिए प्रस्थान करेंगे. इसके बाद विग्रहों को रथ पर विराजमान कर श्रृंगार किया जाएगा.
शाम 4 बजे रथ पर भक्तों द्वारा श्री विष्णु सहस्रनाम पूजा होगी. शाम 4:30 से 5 बजे तक मंदिर के सहायकों द्वारा भगवान के चरणों में पुष्प अर्पित किए जाएंगे. शाम 5:01 बजे भगवान जगन्नाथ का रथ मौसीबाड़ी के लिए प्रस्थान करेगा. शाम 6 बजे रथ के मौसीबाड़ी पहुंचने की संभावना है. शाम 6:05 बजे से महिलाओं को रथ पर दर्शन का अवसर मिलेगा. रात्रि 7 बजे दर्शन बंद कर विग्रहों को मौसीबाड़ी मंदिर में विराजमान कराया जाएगा. रात 8 बजे 108 की मंगल आरती के बाद शयन अनुष्ठान होगा.
प्रशासन ने जारी किए दिशा-निर्देश
मंदिर न्यास समिति ने बताया कि रथ पर केवल पुजारी एवं अधिकृत व्यक्ति ही धोती पहनकर रहेंगे. रथ संचालन के दौरान हटिया के पुलिस उपाधीक्षक दिशा-निर्देश देंगे. वे वर्दी में रहेंगे, विष्णु सहस्रनाम पूजा के दौरान रथ सुरक्षा समिति और पुलिसकर्मी पूजा स्थल की घेराबंदी करेंगे. समिति ने बताया कि रथ धीरे-धीरे मौसीबाड़ी की ओर बढ़ेगा. वापसी रथयात्रा 25 जुलाई को निकाली जाएगी.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.
Leave a Comment