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पलामू में कांग्रेस के दावे से टेंशन में राजद, मीरा व पूर्व डीजीपी राजीव कुमार के चर्चे

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दंगल 2024: भाजपा में टिकट के कई दावेदार, प्रभात, शिवधारी व ब्रजमोहन के साथ वीडी राम भी रेस में

Ranchi : झारखंड के एकमात्र एससी सुरक्षित संसदीय सीट पलामू में इस बार दिलचस्प मुकाबला होने वाला है. एनडीए गठबंधन से इस सीट पर भाजपा अपना प्रत्याशी उतारेगी. सीटिंग सांसद वीडी राम के साथ कई नेता टिकट की रेस में हैं, लेकिन इंडिया गठबंधन में कौन सी पार्टी यहां से चुनाव लड़ेगी यह साफ नहीं है. वैसे तो इस सीट पर राजद का मजबूत दावा है. कांग्रेस 1984 के बाद से यहां चुनाव नहीं जीत पाई है. कई वर्षों से विपक्षी गठबंधन के तहत सीट राजद के खाते में जाता रहा है. इसलिए कांग्रेस अपने प्रत्याशी यहां नहीं देती है, लेकिन इस बार स्थिति बदलने के आसार हैं. कांग्रेस ने राज्य के जिन 9 लोकसभा सीटों पर दावा किया है, उसमें से एक पलामू भी है. कांग्रेस की दावेदारी इसलिए भी मजबूत हो सकती है, क्योंकि राजद 2006 में हुए उपचुनाव के बाद से यहां से कोई चुनाव नहीं जीत सका है. कांग्रेस भले ही पलामू से चुनाव लड़ना चाहती है, लेकिन यहां उसके पास चुनाव लड़ने के लिए फिलहाल कोई बड़ा चेहरा नहीं है. अगर सीट बंटवारे के समय आपसी तालमेल बनी और यह सीट कांग्रेस के खाते में गई तो कांग्रेस कोई पैराशूट उम्मीदवार उतार सकती है. चर्चा है कि कांग्रेस यहां से लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष मीरा कुमार या फिर पूर्व डीजीपी राजीव कुमार पर दांव खेल सकती है. 20 सूत्री उपाध्यक्ष विमला कुमारी और सांसद कामेश्वर बैठा की भी चर्चा है.

जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहा, बढ़ते जा रहे दावेदार

पलामू लोकसभा सीट से फिलहाल भाजपा के वीडी राम सांसद हैं. वे झारखंड के पूर्व डीजीपी रहे हैं. उनकी उम्र 72 के करीब हो चुकी है. चर्चा है कि एज फैक्टर के कारण उनका टिकट कट सकता है. इसलिए जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहा है वैसे-वैसे लोकसभा सीट पर अपनी दावेदारी पेश करने के लिए कई नेता सामने आ रहे हैं. पलामू के पूर्व सांसद ब्रजमोहन राम, एससी आयोग के पूर्व अध्यक्ष शिवधारी राम और प्रभात कुमार के भी चुनाव लड़ने को लेकर चर्चा है.

पलामू में सिमट गया राजद का जनाधार

एक वक्त था जब पलामू झारखंड में राजद का सबसे बड़ा गढ़ हुआ करता था, लेकिन अब राजद का जनाधार पलामू में सिमट गया है. 2005 के विधानसभा चुनाव में राजद ने पूरे झारखंड में 7 सीटों पर कब्जा किया था, जिनमें से 5 सीटें पलामू प्रमंडल की थी. 2009 के चुनाव में राजद ने पूरे प्रदेश में 5 सीटें हासिल की थी, लेकिन 2014 के चुनाव में राजद का सफाया हो गया. 2019 में राजद को सिर्फ एक सीट चतरा में जीत मिली.

भाजपा का वोट शेयर विपक्ष के लिए चिंता का सबब

इंडिया गठबंधन में पलामू सीट पर राजद या कांग्रेस में कौन चुनाव लड़ेगा यह तो आने वाले दिनों में साफ हो जाएगा, लेकिन चुनाव जीतने के लिए सबसे जरूरी है पार्टी का जनाधार होना. 2014 और 2019 के चुनाव में वीडी राम ने पलामू में न सिर्फ कमल खिलाया, बल्कि उन्होंने वोट शेयर भी बढ़ाया है. 2019 के चुनाव में भाजपा का वोट शेयर 62.46 फीसदी था, जबकि राजद को सिर्फ 22.98 फीसदी वोट हासिल हुए थे. भाजपा का बढ़ा हुआ वोट शेयर इंडिया गठबंधन के लिए चिंता का विषय है. इसे भी पढ़ें : कोल">https://lagatar.in/coal-india-marathon-tomorrow-pt-usha-reached-ranchi-ccl-cmd-says-all-preparations-complete/">कोल

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