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म्यांमार से भाग रहे रोहिंग्या मुसलमानों पर ड्रोन और तोपों से हमला, 200 लोगों की मौत की खबर...

 Dhaka : म्यांमार छोड़कर भाग रहे मुस्लिम रोहिंग्याओं पर तोपों और ड्रोन से हमला किये जाने की खबर है. हमलों में लगभग 200 लोग मारे गये हैं. म्यांमार के पश्चिमी रखाइन राज्य में बांग्लादेश की सीमा के पास हमला हुआ है. जानकारी के अनुसार नदी किनारे नाव का इंतजार कर रहे रोहिंग्या लोगों बम गिराये गये. हमले से बचने के लिए सभी सीधे नदी में कूद पड़े. घटना पिछले सोमवार-मंगलवार की बताई गयी है. सोशल मीडिया पर आये वीडियो में नदी के किनारे सड़क पर कीचड़ में सने दर्जनों शव पड़े नजर आ रहे हैं.

म्यांमार की सैन्य सरकार ने अराकान आर्मी पर हमले के लिए जिम्मेदार ठहराया

कहा गया कि हमला रखाइन राज्य पर सैन्य प्रभुत्व रखने वाले जातीय समूह की अराकान आर्मी ने किया है. जान लें कि म्यांमार की सैन्य सरकार ने भी अराकान आर्मी पर हमले के लिए जिम्मेदार ठहराया है. हालांकि अराकान आर्मी रोहिग्या पर हमले में शामिल होने से इनकार कर रही है. हमले में बचे दो लोगों ने समाचार एजेंसी एपी को हमले की जानकारी दी है. खबरों के अनुसार इलाके में हो रही भीषण लड़ाई से बचने के लिए रोहिंग्या मुसलमान नफ नदी को पार कर बांग्लादेश जाने की कोशिश में थे.

साल 2021 से म्यांमार में गृह युद्ध चल रहा है

रोहिंग्या नदी पार करने के लिए नाव की तलाश कर रहे थे. इसी क्रम में उन पर ड्रोन के जरिए बमों से हमला हुआ. म्यांमार में आंग सान सू की की सरकार हटाये जाने के बाद से लोकतंत्र समर्थक गुरिल्लाओं और जातीय सशस्त्र बलों ने देश के सैन्य शासकों के खिलाफ युद्ध छेड़ रखा है. साल 2021 से म्यांमार में गृह युद्ध चल रहा है, जिसके कारण यात्रा पर कड़े प्रतिबंध लगे हुए थे. लोकतंत्र समर्थक गुरिल्ला और जातीय अल्पसंख्यक सशस्त्र बल देश के सैन्य शासकों को हटाने का प्रयास कर रहे हैं, देश की सेना ने साल 2021 में आंग सान सू की की चुनी हुई सरकार से सत्ता छीन ली थी, जिसके बाद से देश में युद्ध चल रहा है. रखाइन में जारी लड़ाई ने रोहिंग्या मुसलमानों के खिलाफ संगठित हिंसा फिर से शुरू होने की बात कही जा रही है. कुछ साल पीछे जायें तो 2017 में एक हिंसक अभियान में लगभग साढ़े सात लाख रोहिंग्या बौद्ध बहुल देश छोड़ कर भागे थे. वे बांग्लादेश पहुंचे थे. वे शरणार्थी शिविरों में रह रहे हैं.

1000 रोहिंग्या बांग्लादेश जाने के लिए नावों  के इंतजार में थे

बमों के हमले से बच गये एक 17 वर्षीय रोहिंग्या ने फोन पर एपी को बताया कि सोमवार को माउंगडॉ के दक्षिणी हिस्से में लगभग 1000 रोहिंग्या बांग्लादेश जाने के लिए नावों का इंतजार कर रहे थे. वह खुद भी इसमें शामिल था. तभी वहां चार ड्रोन आये. ड्रोन ने तीन बम गिराये. बचने के लिए वह और बाकी लोग पानी में कूद गये ड्रोन हमले के बाद तोप के 20 गोले भी वहां आ गिरे. उसने कहा कि बच्चों और महिलाओं समेत कम से कम 150 लोग मारे गये हैं. कई लोग घायल हुए हैं.

अराकान आर्मी, म्यामांर सेना के सैनिकों में लड़ाई शुरू हो गयी

उसने बताया कि वह और उसका परिवार म्यांमार में अपने गांव लौट गये थे. मंगलवार शाम 5 बजे वे फिर नदी किनारे गये. यहां अराकान आर्मी और सादे कपड़ों में मौजूद म्यामांर सेना के सैनिकों में लड़ाई शुरू हो गयी. एक घंटे की लड़ाई के बाद सैनिक नदी के किनारे से हट गये. लेकिन इसके बाद अराकान आर्मी के लड़ाकों ने वहां बचे रोहिंग्याओं को करीब से गोली मार दी. कम से कम 20 रोहिंग्या उसके सामने मारे गये.  

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