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आधी आबादी के सशक्तिकरण में को-ऑपरेटिव की भूमिका अहम

 

को-ऑपरेटिव आंदोलन है सुरक्षित और सतत भविष्य की गारंटी : डॉ. आजाद

Ranchi : ताइवानडोंगहुआ कैंपस क्रेडिट यूनियन, ताइवान ने इस वर्ष संयुक्त राष्ट्र के एनजीओ सीएसडब्ल्यू 68 में भाग लिया और महिला आर्थिक सशक्तिकरण के विषय  पर एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी की. सम्मेलन की मुख्य वक्ता भारत की डॉक्टर नंदिनी आजाद थी. डॉ. आजाद ने अपने संबोधन में कहा कि महिलाओं के सहकारिता नेटवर्क ने अबतक 267 व्यवसायों को महिलाओं के अनुकूल बनाकर उसे सहकारिता सेक्टर को सौंपा है. व्यवसाय में निरंतर प्रगति पूरी दुनिया में महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बना रही है. इस सम्मेलन का उद्देश्य जमीनी संगठनों से अपने अनुभव साझा करना है जिससे वैश्विक स्तर पर ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने में सहायता की जा सके और कैंपस में जमीनी स्तर पर महिलाओं की आवाज़ को समर्थन दिया जा सके. इस सम्मेलन में भारत, हांगकांग, ब्रिटेन और ताइवान में सहकारिता आंदोलन में गहराई से जुड़े लोगों को आमंत्रित किया गया है, ताकि इस मंच से वह अपना प्रेरक यात्रा-सारांश साझा कर बता सकें कि विभिन्न स्थानों पर सहकारी आंदोलन के जरिये आर्थिक रूप से वंचित महिलाओं का कैसे सशक्तिकरण किया गया और उद्देश्य के रास्ते में आनेवाली कठिनाइयों का कैसे और क्या हल निकाला गया. डॉ. आजाद ने कहा कि महिला को-ऑपरेटिव को सशक्त कर हम एक साथ मिलकर संपन्नता की ओर यात्रा कर रहे हैं. सम्मेलन में एशिया प्रांत के 26 से ज्यादा प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया. इसे भी पढ़ें :  धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-woman-found-guilty-of-cutting-her-husband-into-pieces-and-throwing-it-away/">धनबाद

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