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रूपा तिर्की प्रकरण: ST,SC थाना में बड़हरवा SDPO प्रमोद कुमार मिश्रा, शशि भूषण चौधरी पर केस दर्ज

Ranchi: साहिबगंज महिला थाना प्रभारी रूपा तिर्की की संदेहास्पद मौत मामले को लेकर आदिवासी संगठनों में काफी आक्रोश देखा जा रहा है. इसी को लेकर बुधवार को रांची के एसटी, एससी थाने में बड़हरवा एसडीपीओ प्रमोद कुमार मिश्रा और केस आइओ शशि भूषण चौधरी के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया है. दर्ज कराये गये मामले में कहा गया है कि जांच को प्रभावित करने किे लिए एसडीपीओ और केस आइओ के द्वारा रूपा तिर्की और शिव कनौजिया की बातचीत का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया गया है.

दर्ज कराये गये प्रथामिकी में कहा गया है कि भारतीय दंड संहिता की धारा 192, 193, 195, 193 ए(बी), ST,SC एक्ट की धारा 3 (2) (V), आईटी (संशोधन) एक्ट 2008 की धारा 43 (ए), आईपीसी की धारा 379 और 406 के तहत प्राथमिकी दर्ज कराने और जल्द से जल्द उचित कार्यवाही करने की मांग की गई है.

परिवार के लोग इसे मान रहे हत्या

आदिवासी छात्र संघ की ओर से दर्ज कराये गए मामले में कहा गया है कि साहेबगंज महिला थाना प्रभारी रूपा तिर्की का शव 3 मई 2021 को उनके सरकारी आवास में बरामद किया गया था. पुलिस का बार-बार कहना है कि आत्महत्या का मामला है. जबकि सामाजिक संगठन और रूपा के परिवार के लोग इसे हत्या मान रहे हैं. 3 मई 2021 की रात को रूपा तिर्की का दो मोबाइल घटना स्थल बरामद किया गया था. वहीं 9 मई 2021 को शिव कुमार कनौजिया नाम के व्यक्ति को गिरफ्तारी भी किया गया है.

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पुलिस की ओर से कहा गया कि रूपा ने कनौजिया के दबाव में आत्महत्या की है. कनौजिया का मोबाइल 9 मई 2021 से साहेबगंज प्रशासन के पास है. क्योंकि रूपा और कनौजिया मित्र थे. उनके द्वारा लगातार बातचीत होती थी. इसकी रिकॉर्डिंग या तो रूपा के फोन में थी या फिर शिव कुमार कनौजिया के फोन में होगी, या फिर जांच के दौरान प्रशासन द्वारा दोनों के बीच का कॉल डिटेल रिकॉर्ड निकलवाया गया होगा.

बातचीत को विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कर दिया जाता वायरल

दर्ज कराए गए मामले में कहा गया है कि इस निजी बातचीत को विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल कर दिया जाता है. एक आदिवासी महिला की इज्जत को सरेआम उछाला जाता है. जांच अधिकारियों के द्वारा जानबूझकर कर एक महिला की निजी बातचीत के ऑडियो को सोशल मीडिया पर वायरल किया गया है, ताकि जांच को प्रभावित किया जा सके.

एसटी एससी  थाने में दर्ज कराये गये मामले के आवेदक आदिवासी छात्र संघ के मीडिया प्रभारी सुमित उरांव, गोविंद टोप्पो, अनुप निरंजन खलको, कुदरसी मुंडा एवं गवाह के रूप में तीर्थ नाथ आकाश है. ज्ञात हो कि मंगलवार को रूपा तिर्की की मौत के मामले में एफआईआर दर्ज कराने के लिए आदिवासी संगठन के लोग गए थे, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं किया गया था.

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