Ranchi: राज्य सरकार के मिड डे मील के खाते से 101
करोड़ रुपयों का घोटाला करने के मुख्य आरोपित संजय तिवारी को रिम्स के सीसीटीवी कैमरे में देखा गया
है. रिम्स में वे 25 मार्च को पहुंचा था और वहां अपने
कोविड जांच को लेकर रिम्स कर्मी से बातचीत करते हुए पाया गया
है. संजय तिवारी जिस कर्मी से बात कर रहा था उसने ही फर्जी
कोविड रिपोर्ट जारी किया था, जिसे बाद में वह गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका
है. रिम्स में जिस वक्त संजय तिवारी को उक्त कर्मी के साथ देखा गया था उसमें अन्य लोग भी दिखे हैं.
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में वित्तीय अनियमितताओं की जांच के लिए राजभवन से पहुंचे अधिकारी, कई दस्तावेजों को खंगाला रिम्स के माइक्रोबायलाजी विभाग में दिखा संजय
संजय तिवारी रिम्स के
माइक्रोबायलाजी विभाग में भ्रमण करते हुए देखा गया
है. रिम्स एचओडी डॉ अशोक शर्मा ने बताया कि जो भी फुटेज देखा गया है उस वीडियो की जो भी प्रक्रिया है, उसके तहत प्रबंधन काम कर रहा
है. इन फुटेज में संजय तिवारी को साफ तौर पर देखा जा सकता है कि वो यहां के कर्मी से किस तरह बात कर रहा
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: पेड़ काटने गई बीसीसीएल टीम का ग्रामीणों ने किया विरोध, बैरंग लौटना पड़ा तीन अप्रैल को संजय ने किया आत्मसमर्पण
मालूम हो कि संजय तिवारी ने ईडी की विशेष अदालत में तीन अप्रैल को आत्मसमर्पण कर दिया
है. वह 25 मार्च से फरार चल रहा था, इस बीच उसके फर्जी
कोविड रिपोर्ट का मामला सामने आया था, जिसमें रिम्स के
माइक्रोबायलाजी विभाग के एक कर्मी और संजय तिवारी के स्टाफ की गिरफ्तारी की जा चुकी
है. रिम्स के स्वास्थ्य कर्मियों की सांठगांठ पर सात हजार रुपये के लालच में फर्जी
कोविड रिपोर्ट मिनटों में बना दिया
गया. इस तरह की फर्जी रिपोर्ट
पकड़े जाने पर रिम्स प्रबंधन ने बरियातू थाने में एफआईआर दर्ज कराया
था. जिसके बाद रिम्स के
माइक्रोबायलाजी विभाग के एक कर्मी प्रियरंजन रवि को गिरफ्तार किया
गया. [wpse_comments_template]
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