Ranchi News: सुकुरहुटू में प्रस्तावित ट्रांसपोर्ट नगर के लिए जमीन अधिग्रहण के बाद मुआवजा भुगतान में कमीशनखोरी का मामला सामने आया है. चार रैयतों ने आरोप लगाया है कि जमीन के मुआवजे के रूप में मिले 4 करोड़ 51 लाख 55 हजार 805 रुपए में से 2 करोड़ 25 लाख 77 हजार 571 रुपए बिचौलिए नुरुल होदा के खाते में ट्रांसफर कराए गए. इसे लेकर रैयतों ने डीसी से शिकायत की है.
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मोतिलाल पाहन, तेतरी देवी, झनकु पाहन समेत चार रैयत शामिल हैं. उन्होंने अपने आवेदन में नुरुल होदा के साथ भू-अर्जन विभाग के कुछ कर्मचारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं. आरोप है कि मुआवजा दिलाने के नाम पर कुल मुआवजा राशि की करीब आधी रकम कमीशन के रूप में ली गई.
दो खातों की जमीन के बदले मिले थे 4.51 करोड़
आवेदन में लिखा है कि सुकुरहुटू के डोही टोली निवासी चार रैयतों की जमीन ट्रांसपोर्ट नगर परियोजना के लिए अधिग्रहित की गई थी. इसके एवज में खाता संख्या 525 के प्लॉट नंबर 471 और 588 के एवज में 2 करोड़ 65 लाख 98 हजार 625 रुपए मुआवजा मिला था.
वहीं, खाता संख्या 570 के प्लॉट नंबर 506 और 507 के लिए 1 करोड़ 85 लाख 57 हजार 180 रुपए का भुगतान किया गया. दोनों को मिलाकर कुल 4 करोड़ 51 लाख 55 हजार 805 रुपए मुआवजा दिया गया. रैयतों ने आरोप लगाया है कि मुआवजे की राशि 17 मार्च और 30 मार्च 2026 को दो किस्तों में उनके बैंक खातों में आई थी.
तीन रैयतों के खाते से 1.10 करोड़ ट्रांसफर
रैयतों ने शिकायत के साथ बैंक लेनदेन का ब्योरा भी दिया है. जिसमें मोतिलाल पाहन के खाते में 17 मार्च को 1 करोड़ 39 लाख 99 हजार 312 रुपए आए थे. इनमें से 18 मार्च को 66 लाख 49 हजार 656 रुपए नुरुल होदा के खाते में ट्रांसफर किए गए.
इसी तरह तेतरी देवी के खाते से 22 लाख 16 हजार 552 रुपए और झनकु पाहन के खाते से भी इतनी ही रकम नुरुल होदा के खाते में भेजे जाने का आरोप है.
आवेदन में नुरुल होदा का एसबीआई कांके ब्लॉक शाखा का खाता नंबर भी दिया गया है. इन तीन लेनदेन में कुल 1 करोड़ 10 लाख 82 हजार 760 रुपए ट्रांसफर होने का आरोप लगाया गया है.
भू-अर्जन विभाग के कर्मचारियों पर भी आरोप
रैयतों ने आरोप लगाया है कि नुरुल होदा ने मुआवजा दिलाने के एवज में कुल राशि का करीब आधा हिस्सा अपने खाते में ट्रांसफर करवाया. पीड़ित परिवारों के अनुसार भू-अर्जन पदाधिकारी और विभागीय कर्मचारियों को मुआवजा दिलाने के बदले कुल राशि की आधी रकम दिलाने में शामिल बताया.
शिकायत में भू-अर्जन विभाग के नाजिर अमित गुप्ता और लाल हर्ष गोवर्धन शाहदेव का नाम भी लिया है. आरोप है कि विभाग के कुछ कर्मचारियों ने बिचौलिए के माध्यम से कमीशन लिया.
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