National News : भारत में धर्म और राष्ट्र एक-दूसरे से अलग नहीं हैं. आरएसएस चीफ मोहन भागवत शुक्रवार को जैन युवाओं के सेवा संगठन ऑल इंडिया विहार सेवा समूह के 14वें सम्मेलन में बोल रहे थे.
इस क्रम में कहा कि भारत में धर्म और राष्ट्र एक-दूसरे से अलग नहीं हैं. कहा कि राष्ट्र का उद्देश्य धर्म है और धर्म ही राष्ट्र को बनाये रखने में मदद करता है. उन्होंने कहा कि यदि एक का अस्तित्व है, तो दूसरे का भी है.
साथ ही उन्होंने कहा कि अगर धर्म पर कोई संकट आता है, तो देश को इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है. मोहन भागवत ने कहा कि दुनिया के सामने मौजूद चुनौतियों से निपटने में देश की विशाल ज्ञान परंपरा अहम भूमिका निभा सकती है.
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख ने अपनी बात को विस्तार से समझाते हुए कहा कि वर्तमान समय में विश्व विकास और पर्यावरण संरक्षण, व्यक्तिगत आज़ादी और पारिवारिक जीवन, तथा धार्मिक आस्था और टकराव के बीच विरोधाभासों से जूझ रहा है.
श्री भागवत ने कहा कि दुनिया में मौजूद टकराव हम किसी एक पक्ष का समर्थन कर और दूसरे की अनदेखी कर सुलझा नहीं सकते.
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