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आरएसएस किसी का विरोध करने या कुछ पाने के उद्देश्य से शुरू नहीं हुआ :  मोहन भागवत

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ- 100 वर्षों की यात्रा विषय पर आधारित सम्मेलन में उत्तर बंगाल के आठ जिलों सहित सिक्किम से आये सौ से अधिक प्रबुद्ध नागरिकों ने भागीदारी की.
 

  Siliguri  :  आरएसएस के सरसंघचालक डॉ मोहन भागवत ने आज शुक्रवार को प बंगाल के सिलीगुड़ी स्थित उत्तर बंग मारवाड़ी भवन में आयोजित एक दिवसीय प्रबुद्ध नागरिक सम्मेलन को संबोधित किया. यह सम्मेलन  उत्तर बंग प्रांत के बैनर तले आयोजित किया गया था.

 

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ- 100 वर्षों की यात्रा विषय पर आधारित सम्मेलन में उत्तर बंगाल के आठ जिलों सहित सिक्किम से आये सौ से अधिक प्रबुद्ध नागरिकों ने भागीदारी की.  

 

मोहन भागवत ने भारत माता के चित्र के समक्ष पुष्प अर्पित कर सम्मेलन का उद्घाटन किया.  सम्मेलन में संघ की सौ वर्षों की यात्रा, वैचारिक आधार, सामाजिक और राष्ट्रीय विकास में संघ की भूमिका पर विस्तृत मंथन किया गया.  

 

 सरसंघचालक ने कहा, आरएसएस किसी का विरोध करने या अपने लिए कुछ पाने के उद्देश्य से आरंभ नहीं किया गया. मोहन भागवत ने अपने विचार व्यक्त करते हुए वसुधैव कुटुम्बकम को नये रूप में परिभाषित करने के बजाय उसे नये ढंग से प्रस्तुत करने पर बल दिया.

 

मोहन भागवत ने कहा कि सरकार अपनी नीतियों के माध्यम से जो करना है वह करेगी, लेकिन विभिन्न देशों के लोगों के बीच की दूरी मिटाने के लिए हमें अपने देश की अच्छी बातें सबके सामने रखनी होगी ,

 

उन्होंने कहा कि भारत के तथाकथित अशिक्षित लोग भी अतिथि-परायण होते हैं, लेकिन हमें देश हित में  बुरे तत्वों के प्रवेश के प्रति सतर्क रहना जरूरी है. मोहन भागवत का इशारा अवैध घुसपैठियों की ओर था.

 

पर्यावरण संरक्षण के संबंध में सरसंघचालक ने ऊर्जा के दुरुपयोग को रोकने, संचित ऊर्जा का सीमित उपयोग, खेती में रासायनिक उर्वरकों के प्रयोग को कम करना सहित पर्यावरण संरक्षण को जीवनशैली का हिस्सा बनाने की बात कही.

 

बच्चों सहित युवाओं में नशे की बढ़ती लत को लेकर कहा कि इसके उन्मूलन के लिए स्वयंसेवक कार्य कर रहे हैं. साथ ही कहा कि छोटे बच्चों को नशे की लत से दूर रखने में माता-पिता की सीख बहुत प्रभावी होती है.

 

इसलिए पारिवारिक भोजन के समय और पारिवारिक चर्चाओं में बच्चों को नियमित रूप से समझाने तथा माता-पिता का का आचरण नशामुक्त समाज बनाने के लिए आवश्यक हैं.

 

बताया कि संघ के शताब्दी-पूर्ति के अवसर पर देश कल्याण में योगदान दे सकने वाले पंच परिवर्तन के विषयों को लेकर स्वयंसेवक घर-घर जायेंगे. 


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