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झारखंड में डायबिटीज पर शोध करेगा RSSDI, रांची में होगा तीन दिवसीय वर्कशॉप

Ranchi: रिसर्च सोसाइटी फॉर स्टडी ऑफ डायबिटीज इन इंडिया (आरएसएसडीआई) झारखंड में डायबिटीज के मूल कारण का पता लगाने के लिए शोध करेगी. इस बात की जानकारी आरएसएसडीआई के वर्कशॉप को लेकर आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में दी गई. शुक्रवार, शनिवार और रविवार को तीन दिवसीय वर्कशॉप का आयोजन रांची के चाणक्या बीएनआर में किया जाएगा. इसमें देशभर के 50 से अधिक चिकित्सक डायबिटीज के कारण, इलाज और रोकथाम को लेकर शोध प्रस्तुत करेंगे. इसे पढ़ें-पुलिसकर्मियों">https://lagatar.in/jharkhand-government-is-conscious-of-the-health-of-policemen-health-minister-wrote-a-letter-to-cm/">पुलिसकर्मियों

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मेहनती युवाओं को भी होने लगा डायबिटीज

प्रेस कांफ्रेंस के दौरान डॉ विनय ढनढनिया ने बताया कि झारखंड में अब 20 से 30 वर्ष के उम्र के युवाओं में भी डायबिटीज के लक्षण मिल रहे हैं. पहले इसकी औसतन आयु 40 से 50 वर्ष तक थी. डॉ एनके सिंह ने बताया कि वर्तमान में राज्य के ग्रामीण इलाकों के मेहनत करने वाले युवाओं को भी डायबिटीज होने लगा है. इस बात पर भी शोध किया जाएगा. इसे भी पढ़ें-  माहेश्वरी">https://lagatar.in/maheshwari-family-murder-case-cid-team-presented-investigation-report-so-far-in-court/">माहेश्वरी

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बच्चों के डायबिटीज के मामले में विश्व में पहले स्थान पर है भारत

बच्चों में डायबिटीज के मामलों को लेकर भारत विश्व में पहले स्थान पर है. डॉक्टरों ने बताया कि सुगर का कंट्रोल संभव है, सुगर पूरी तरह से ठीक करना संभव नहीं है. डॉक्टरों ने बताया कि वर्कशॉप में इन बातों पर भी चर्चा की जाएगी की डॉक्टर इलाज में क्या-क्या नहीं लिखते जो लिखना चाहिए. इस वर्कशॉप के दौरान एक्सरसाइज और डाइट कंट्रोल पर भी चर्चा की जाएगी. [wpse_comments_template]  

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