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लातेहार और साहिबगंज के एक भी प्राइवेट और गैर सहायता प्राप्त स्कूल में लागू नहीं है आरटीई

  • झारखंड के 22 जिलों के 496 स्कूलों में लागू है राइट टू एजुकेशन अधिनियम
  • रांची के 97 स्कूलों ने आरटीई के तहत 2022-23 में लिए 437 एडमिशन
Ranchi: झारखंड के लातेहार और साहिबगंज जिले में एक भी प्राइवेट और गैर सहायता प्राप्त स्कूल में राइट टू एजुकेशन (आरटीई) अधिनियम लागू नहीं है, जबकि राज्य के 22 जिलों के 496 स्कूलो में आरटीई लागू है. आरटीई के तहत आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों के लिए प्राइवेट और गैर सहायता प्राप्त स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटें आरक्षित की गई है, लेकिन राज्य के दो जिलों में गरीब बच्चे इससे वंचित हैं. लोकसभा में सांसद संजय सेठ ने आरटीई का मामला उठाया था, जिसपर केंद्रीय शिक्षा राज्यमंत्री अन्नपूर्णा देवी ने यह जवाब दिया है. इसे भी पढ़ें- मोदी">https://lagatar.in/modi-cabinet-approves-1-64-lakh-crore-package-for-bsnls-revival-approves-merger-of-bsnl-and-bbnl/">मोदी

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चतरा, लोहरदगा में सिर्फ 3 स्कूलों में लागू है आरटीई

सरकार की ओर से बताया गया कि राजधानी रांची में सबसे अधिक 97 स्कूलों में यह अधिनियम लागू किया गया है, जबकि चतरा और लोहरदगा जिले में सिर्फ 3 स्कूलों में अधिनियम लागू है. केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री ने बताया कि झारखंड सरकार की ओर से जो सूचना दी गई है उसके मुताबिक रांची जिला में 2020-21 में 345 और 2021-22 में 437 आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के बच्चों का एडमिशन अधिनियम के तहत हुआ है.

किस जिले के कितने स्कूल में आरटीई लागू

जिला     स्कूलों की संख्या बोकारो    39 चतरा      3 देवघर    24 धनबाद  52 दुमका  24 गढ़वा  19 गिरिडीह 19 गोड्डा    4 गुमला   4 हजारीबाग  53 जामताड़ा  10 खूंटी        5 कोडरमा  7 लोहरदगा 3 पाकुड़    4 पलामू   8 पश्चिम सिंहभूम 9 पूर्वी सिंहभूम 64 रामगढ़       20 रांची          97 सरायकेला 24 सिमडेगा   4 लातेहार   00 साहिबगंज  00

आरटीई का पालन नहीं करने वाले स्कूलों पर कार्रवाई की जिम्मेदारी राज्य सरकार की

सरकार ने बताया कि नि:शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत 6 से 14 साल तक के बच्चे को नजदीकी स्कूल में नि:शुल्क और अनिवार्य शिक्षा प्रदान करने की व्यवस्था की गई है. स्कूलों में क्लास के कुल बच्चों की संख्या का 25 फीसदी एडमिशन गरीब बच्चों को नि:शुल्क देना है. ऐसे स्कूल जो इसका अनुपालन नहीं करते हैं उनपर कार्रवाई करने की जिम्मेदारी और आरटीई को कड़ाई से लागू करने का जिम्मा राज्य सरकार का है. इसे भी पढ़ें- कांग्रेस">https://lagatar.in/congress-legislature-party-meeting-on-28th-jharkhand-in-charge-will-ask-who-are-those-10-mlas-and-why-did-cross-voting-happen/">कांग्रेस

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