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RU और DSPMU ने 7 साल में वसूले 3.50 करोड़ पर छात्र संघ चुनाव नहीं कराया

Ranchi News: दोनों विश्वविद्यालयों में अंतिम बार साल 2019 में छात्र संघ चुनाव हुए थे. इसके बाद पिछले सात साल से एक भी चुनाव नहीं हुए हैं. इस तरह जिस छात्र संघ चुनाव के नाम पर सात साल में दोनों विश्वविद्यालयों ने 3.50 करोड़ रुपये लिये हैं, वह कराया ही नहीं गया. देखा जाये तो छात्र संघ चुनाव के नाम पर जमा किये गए 3.50 करोड़ रुपये का ब्याज से भी एक साल का चुनाव खर्च निकल जायेगा.
 
विश्वविद्यालय फोटो
  • रांची विश्वविद्यालय में 45,000 छात्र हैं, हर साल 100 रुपये की वसूली.
  • डीएसपीएमयू में करीब 17,000 छात्र हैं, हर साल 30 रुपये की वसूली.
  • दोनों विश्वविद्यालयों में अंतिम बार 2019 में हुए थे छात्र संघ चुनाव.

Ranchi News: राजधानी रांची में दो बड़े विश्वविद्यालय हैं. रांची विश्वविद्यालय (आरयू) और डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (डीएसपीएमयू). दोनों विश्वविद्यालयों में छात्रों की संख्या करीब 63,000 हैं. आरयू में करीब 45,000 और डीएसपीएमयू में करीब 17,000 छात्र. छात्र संघ चुनाव कराने के नाम पर इन छात्रों से प्रति वर्ष एक निश्चित रकम वसूली जाती है. आरयू में 100 रुपये प्रति वर्ष और डीएसपीएमयू में 30 रुपये. 


छात्रों की संख्या और दोनों विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा छात्र संघ चुनाव के नाम पर लिये जाने वाली फीस की गणना करें तो आंकड़े सलाना 50 लाख से अधिक पहुंचते हैं. आरयू में 45,000 छात्रों से हर साल 100 रुपये की दर से 45 लाख रुपये लिये जाते हैं. जबकि डीएसपीएमयू के करीब 17,000 छात्रों से 30 रुपये की दर से करीब पांच लाख रुपये. इस तरह दोनों विश्वविद्यालय हर साल छात्रों से करीब 50 लाख रुपये की वसूली छात्र संघ चुनाव के नाम पर करती है.


दोनों विश्वविद्यालयों में अंतिम बार साल 2019 में छात्र संघ चुनाव हुए थे. इसके बाद पिछले सात साल से एक भी चुनाव नहीं हुए हैं. इस तरह जिस छात्र संघ चुनाव के नाम पर सात साल में दोनों विश्वविद्यालयों ने 3.50 करोड़ रुपये लिये हैं, वह कराया ही नहीं गया. देखा जाये तो छात्र संघ चुनाव के नाम पर जमा किये गए 3.50 करोड़ रुपये का ब्याज से भी एक साल का चुनाव खर्च निकल जायेगा.


इस मुद्दे को लेकर हमने छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों से बात की. आदिवासी छात्र संघ के दया राम ने कहा कि हम लोग लगातार इसे लेकर विरोध करते रहते हैं. चुनाव कराने की मांग करते हैं. विश्वविद्यालय हर बार आश्वासन देकर टाल देता है. 

 

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दया राम: आदिवासी छात्र संघ

 

आजसू छात्र संघ के ओम वर्मा ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन हमारे पैसे के ब्याज से मौज कर रहा है. हम चुनाव की मांग करने के अलावा कर ही क्या सकते हैं. कुल मिलाकर छात्र इस मामले में पूरी तरह निराश हो चुके हैं. 

 

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ओम वर्मा, आजसू छात्र संघ प्रदेश अध्यक्ष

 

आरयूः चुनाव का भरोसा

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                                  रांची विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ राज कुमार शर्मा

 

हर साल फीस के रुप में छात्रों से पैसा वसूलने के बाद भी चुनाव नहीं कराने को लेकर हमने रांची विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉक्टर राज कुमार शर्मा से बात की. उन्होंने बताया कि कुलपति की ओर से इसपर काम शुरू करने का निर्देश दिया गया है. जल्द ही चुनाव की तैयारियां शुरू की जाएंगी. उन्होंने उम्मीद जताई कि नवंबर तक प्रक्रिया शुरू हो सकती है. 


डीएसपीएमयूः निर्देश का इंतजार

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डीएसपीएमयू के रजिस्ट्रार धनंजय द्विवेदी


हमने इस बारे में डीएसपीएमयू के रजिस्ट्रार धनंजय द्विवेदी से भी बात की. उन्होंने कहा कि छात्र संघ चुनाव उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशों पर निर्भर है. विश्वविद्यालय उच्च शिक्षा विभाग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करेगा. विभाग की ओर से चुनाव को लेकर गाइडलाइन और तारीख तय किए जाने के बाद विश्वविद्यालय उसी के अनुसार चुनाव की प्रक्रिया पूरी करेगा.

 

पढ़ाई पूरी कर ली, चुनाव नहीं देखा

आरयू और डीएसपीएमयू में साल 2019 के तुरंत बाद नामांकन लेने वाले छात्र पढ़ाई पूरी करके विश्वविद्यालय छोड़ चुके हैं, पर उन्होंने छात्र संघ चुनाव होते ना ही देखा, ना ही उसमें भाग लिया. जबकि उनसे भी हर साल फीस वसूला गया. उनका विश्वविद्यालय का अनुभव आश्वासन सुनने का ही रहा.

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