स्वाद में `राजा ` पर मिलता कम है
पारसनाथ से फुटका बेचने आई सुगनी देवी का कहना है कि बारिश होने के बाद यह जंगल में मिलता है. ग्रामीण इसे ढूंढ लेते हैं. उन्हें पता लग जाता है कि कहां पर निकलेगा और ग्रामीण वहां पहुंच जाते हैं. उसे निकालते हैं और सब्जी बतौर खाते हैं. बेचते भी हैं. विक्रेता रामा मंडल के अनुसार यह मुख्य रूप से दो तरह का होता है. एक काला और दूसरा सफेद. सफेद की कीमत ज्यादा होती है और काले की थोड़ी कम. रुगड़ा खरीदने पहुंचे पप्पू पंडित ने कहा कि यह स्वाद और प्रोटीन से भरपूर होता है. बाजार में बहुत कम समय के लिए आता है. विजय साव का कहना है कि चिकन-मटन साल भर उपलब्ध है. लेकिन, रुगड़ा साल में कुछ ही दिनों के लिए बाजार में दिखाई देता है. यह भी पढ़ें : महिला">https://lagatar.in/koderma-the-woman-said-save-her-from-the-goon-the-sho-made-friends-with-the-goon/">महिलाने कहा गुंडे से बचाओ, थानेदार ने गुंडे से दोस्ती कर ली [wpse_comments_template]

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