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यक्ष्मा जागरुकता कार्यक्रम चलाएं, टीबी मरीजों के साथ न हो भेदभाव : डीसी

Koderma :  जिला टीबी फोरम एवं जिला टीबी को-मोर्बिडीटी कॉर्डिनेशन कमेटी की बैठक की गई. इस बैठक में राज्य प्रतिनिध‍ि डब्लूएचपी के साथ-साथ जिला परिषद् अध्यक्ष रामधन यादव, सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार, जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. रमण कुमार एवं गैर सरकारी संगठन, टीबी चैम्पियन, पीएलएचआईभी के प्रतिनिधि, मीडिया कर्मी एवं जिला यक्ष्मा केन्द्र के कर्मी शाम‍िल हुए. डीसी आद‍ित्‍य रंजन ने निर्देश दिया कि जिले के सभी स्कूलों एवं अन्य स्थानों पर यक्ष्मा जागरुकता के लिए यक्ष्मा से संबंधित कार्यक्रम कराएं. उन्‍होंने कहा क‍ि टीबी के मरीजों के कल्याण के ल‍िए समाज के विभिन्न वर्गों से समन्वय स्थापित करें तथा उनके साथ सामाजिक भेदभाव ना हो यह सुन‍िश्‍चित करें. साथ ही ज‍िले के सभी पदाध‍िकार‍ियों और समाज के सक्षम लोगों से टी.बी मरीजों को गोद लेने की अपील की. ताक‍ि आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को भी पौष्‍ट‍िक आहार म‍िल सके. उन्‍होंने प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना वर्ष 2025 तक ‘टी.बी. मुक्त भारत अभियान’ को सफल बनाने में सभी लोगों से सहयोग करने की अपील की है. जिले के सभी पदाधिकारियों एवं पीआरआई सदस्यों से आग्रह किया कि इस मुहिम का हिस्सा बनें. इसे भी पढ़ें : अनुबंधकर्मियों">https://lagatar.in/15th-day-of-fast-unto-death-of-contract-workers-expressed-anger-by-begging/">अनुबंधकर्मियों

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सहियाओं एवं पीआरआई सदस्यों को यक्ष्मा के प्रति क‍िया जाए जागरूक 

जिला परिषद् द्वारा बताया गया कि यक्ष्मा से संबंधित जानकारी के लिए सहियाओं एवं पीआरआई सदस्यों को यक्ष्मा के प्रति जागरूक किया जाए एवं टीबी के लक्षण वाले व्यक्तियों को सहियाओं के माध्यम से सरकारी स्वास्थ्य केन्द्रों में उपचार एवं जांच कराया जाए. सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार ने कहा क‍ि यक्ष्मा उन्मूलन के ल‍िए यक्ष्मा से संबंधित लक्षण वाले मरीजों का शत-प्रतिशत बलगम जांच के साथ-साथ ब्लड शुगर जांच, एचआईवी जांच एवं तंंबाकू की स्क्रीनिंग की जा रही है. सभी सी.एच.ओ के माध्यम से अपने-अपने क्षेत्र के पी.आर.आई सदस्यों से संपर्क कर यक्ष्मा बीमारी से संबंधित जानकारी दी जा रही है एवं टीबी के इलाजरत मरीजों का निरंतर मॉनिटरिंग एवं समय-समय पर उनके द्वारा किया जा रहा है. डॉ. रमन कुमार जिला यक्ष्मा पदाधिकारी कोडरमा द्वारा क्षेत्र में यक्ष्मा से किए जा रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी दी गई. उन्‍होंने बताया कि टीबी फोरम समाज तथा टीबी के मरीज, स्वास्थ्य व्यवस्था और सिविल सोसाइटी के बीच में पुल का कार्य करता है. यक्ष्मा उन्मूलन के ल‍िए निरंतर प्रशिक्षण एवं जागरुकता कार्यक्रम किया जा रहा है. इसके साथ-साथ निजी चिकित्सकों के पास इलाज के ल‍िए आये मरीजों में यक्ष्मा के लक्षण हो तो उनको निकटतम स्वास्थ्य केन्द्र में भेजने को कहा गया है. फिलहाल जिले में सभी स्वास्थ्य केंद्रों में यक्ष्मा से संबंधित जांच की सुविधा एवं सभी एचडब्लूसी में स्क्रीनिंग की सुविधा उपलब्ध है. आगे बताया क‍ि यक्ष्मा के उपचाररत मरीजों को उपचार अवधि तक प्रतिमाह 500 रुपये दिया जा रहा है, परंंतु इसके अलावा यक्ष्मा के मरीजों को बेहतर प्रोटीनयुक्त आहार के लिए सरकार के द्वारा चलाए जा रहे अभियान ‘निक्षय मित्र योजना’ के तहत सरकारी पदाधिकारी, एनजीओ, औद्योगिक संगठन, कर्मचारी संगठन एवं अन्य लोग इस कार्यक्रम से जुड़ते एवं टीबी के मरीजों को गोद लें तथा प्रोटीनयुक्त आहार उपलब्ध कराएं. जिले में अबतक कुल 26 लोगों ने अपना पंजीकरण कराया है. बैठक में स्वाती कुमारी, धीरज जोशी, रविन्द्र नाथ, मनोज कुमार, गौतम राणा, असीम सरकार, तुलसी कुमार साव, तन्मय चौधरी, अखिलेश कुमार, संजय वर्मा, प्रकाश रवि, दिपेश कुमार, चित्रलेखा सिन्हा, सुशील कुमार, रूपा कुमारी आदि ने भाग लिया. इसे भी पढ़ें : JMM">https://lagatar.in/jmm-mla-lobin-attacked-cm-rajeev-ranjan-said-stop-making-boka-remove-advocate-general/">JMM

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