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मनरेगा योजना में गड़बड़ियां रोकने के लिए ग्रामीण विकास विभाग ने तैयार की गाइडलाइन

Ranchi : मनरेगा योजना में गड़बड़ियों को रोकने के लिए ग्रामीण विकास विभाग ने गाइड लाइन तैयार की है. साथ ही तय गाइड लाइन के हिसाब से जिलों से रिपोर्ट मांगी है. ग्रामीण विकास विभाग के संयुक्त सचिव अरुण कुमार सिंह ने सभी जिला के उपायुक्तों को पत्र लिख कर गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है. गाईडलाइन के अनुसार जॉब कार्ड, काम की मांग का पंजीयन नहीं होना, योजना के चयन और क्रियान्वयन में गड़बड़ी करना, काम के स्थान पर सुविधा न होना, मजदूरी और सामग्री खरीद में की जाने वाले गड़बड़ी, काम के स्थान पर दुर्घटना के बाद मजदूरों को मुआवजा देने में देरी, शिकायत निपटारे में देरी जैसे मामले के जिम्मेवारों पर जुर्माने की राशि तय किया गया है.

जॉब कार्ड के लिए पैसे मांगने पर बीडीओ पर भी होगी कार्रवाई

जॉब कार्ड को लेकर अक्सर यह शिकायत मिलती है कि इसे जारी करने के लिए पैसे की मांग की जाती है. अगर इस तरह के आरोप सत्य पाये जाएंगे तो रोजगार सेवक से लेकर प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) तक पर कार्रवाई होगी. जॉब कार्ड को लेकर होने वाली अनियमितता को लेकर रोजगार सेवक, पंचायत सचिव, मुखिया, तकनीकी सहायक, बीपीओ वीडियो, कंप्यूटर ऑपरेटर को दोषी माना जायेगा. किसी मजदूर से जॉब कार्ड के लिए पैसा मांगने, फोटो के लिए पेसा मांगने, मजदूर का जॉब कार्ड काम करने वाले एजेंसी के पास होने पर पदाधिकारी, कर्मचारियों पर प्रति जॉब कार्ड 500 रुपया जुर्माने की राशि वसूलने का निर्देश दिया गया है. वहीं मृत मजदूर के नाम पर सरकारी राशि निकाले जाने पर दोषी व्यक्ति कर्मियों, पदाधिकारी से प्रति जॉब कार्ड कार्ड 1000 जुर्माना और निकासी की गयी पूरी राशि वसूल करने को कहा गया है. इसके लिए रोजगार सेवक, कंप्यूटर ऑपरेटर , बीपीओ और प्रखंड विकास पदाधिकारी को दोषी माना गया है.

गड़बड़ी करने पर लगेगा आर्थिक जुर्माना

गाईडलाइन के मुताबिक किसी योजना के क्रियान्वयन में गड़बड़ी करने के मामले में रोजगार सेवक, पंचायत सचिव और मुखिया से जुर्माना वसूला जायेगा. योजना की स्वीकृति के लिए लाभुकों से रिश्वत लेने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के साथ-साथ प्रति योजना 1000 रुपये वसूला जायेगा. आयोग्य लाभुको के नाम योजना की स्वीकृती के लिए पंचायत सेवक दोषी माने जाएंगे. बिना काम किये राशि की निकासी करने के मामले में रोजगार सेवक से योजना राशि का 10%, पंचायत सचिव और मुखिया से योजना राशि का 20%, तकनीकी सहायक से 20% प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी से 20% और प्रखंड विकास पदाधिकारी से 20% की वसूली की जायेगी.

बिना मापी  योजना राशि का भुगतान करने पर राशि की वसूली की जायेगी 

दूसरे व्यक्ति की जमीन पर योजना के क्रियान्वयन के मामलों में रोजगार सेवक से योजना राशि का 20% पंचायत सचिव और मुखिया से 20-20 %तकनीकी सहायक से 30% और मेट से 10% वसूला जायेगा.बिना मापी के योजना राशि का भुगतान करने पर मुखिया और पंचायत सचिव से योजना राशि की वसूली की जायेगी.योजना पूरा हुए बिना काम बंद कर दिये जाने के मामले में कंप्यूटर ऑपरेटर से जुर्माना वसूला जायेगा.  

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