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आरयू का 36वां दीक्षांत समारोहः 65 को गोल्ड मेडल

Ranchi: रांची विश्वविद्यालय में 36वां दीक्षांत समारोह का आयोजन हुआ. समारोह के मुख्य अतिथि राज्यपाल सह कुलाधिपति सीपी राधाकृष्णन रहे. स्नातक व स्नातकोत्तर के कुल 2859 छात्र-छात्रों को उपाधि दी गई. समारोह में 65 छात्राओं को गोल्ड मेडल और 16 को ओवरऑल टॉपर का मेडल मिला. 5 को डिलीट की उपाधि, 162 पीएचडी की उपाधि और 23 एमफिल की डिग्री दी गई. 81 टॉपरो में 57 लड़कियां और 24 लड़के हैं. इस अवसर पर राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि छात्र जोखिम लेने से न डरें और असफलता से हतोत्साहित न हों. हमारे पूर्व राष्ट्रपति और मिसाइल मैन भारत रत्न डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम जो एक महान शिक्षक भी थे और लाखों युवा मन को प्रेरित करते थे. समारोह में कुलपति प्रो. अजीत कुमार सिन्हा, प्रतिकुलपति डॉ. अरूण कुमार सिन्हा, कुलसचिव डॉ. मुकुंद चंद्र मेहता, डीएसडब्ल्यू डॉ. सुदेश साहु, डीएसपीएमयू के कुलपति डॉ. तपन कुमार शांडिल्य, बीबीएमकेयू के कुलपति डॉ. शुखदेव भोई, जेएसओयू के कुलपति डॉ. टीएन साहू ,डिप्टी रजिस्ट्रार डॉ. प्रीतम कुमार, एफए डॉ. देवाशीष गोस्वामी, सीसीडीसी डॉ. पीके झा, परीक्षा नियंत्रक डॉ. आशीष कुमार झा, एफओ. डॉ. कुमार आदित्यनाथ शाहदेव, कुलपति की ओएसडी डॉ. स्मृति सिंह व रांची विश्वविद्यालय के सभी विभगों के हेड व डीन और विश्वविद्यालय के विद्यार्थी व शिक्षक शामिल रहे.

रांची विश्वविद्यालय के कई छात्रों में मान बढ़ाया है : कुलपति

कुलपति डॉ. अजीत कुमार सिन्हा ने कहा कि आज शिक्षा के बाद दीक्षा दी जा रही है. इसमें हमारे विद्यार्थी दीक्षित होने जा रहे हैं. उन्होंने आगे कहा कि आज का भारत युवाओं का भारत है और रांची विश्वविद्यालय के छात्रों ने कई क्षेत्रों में राज्य व विश्वविद्यालय का मान बढाया है. हमारे छात्रों ने हर क्षेत्र में उत्कृष्ठ कार्य किया है. एशियन गेम्स में मेडल, योग में मेडल, खेल में सलीमा टेटे और फिजिक्स डिपार्टमेंट से पढ़कर निकले गॉड पार्टिकल की खोज में काम करने वाले वैज्ञानिक डॉ. सिद्धार्थ का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि हमारा अतीत समृद्ध रहा है. सुदूर गांवों से आने वाले छात्रों ने भी यहां से पढ़कर अपने कार्यक्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है.

दिव्यांग सदफ को मिला गोल्ड मेडल

उर्दू में गोल्ड मेडल प्राप्त करने वाली सदफ कायनात दृष्टि बाधित हैं. इसके बाद भी उसने इतिहास रचा है. परीक्षा में इतना अच्छा प्रदर्शन किया कि गोल्ड मेडल भी मिल गया, जिसकी प्रशंसा राज्यापाल ने की.

कैसा लग रहा ये मैं शब्दों में नहीं बता सकती : गगनदीप

अर्थशास्त्र में गोल्ड मेडल प्राप्त करने वाली गगनदीप कौर ने कहा कि आज कैसा लग रहा, ये मैं शब्दों में नहीं बता सकती हूं. इस कामयाबी के पीछे मेरे गुरु और माता-पिता हैं. मैं रोज 8 घंटे पढ़ाई करती थी. मेरे गुरुजनों ने मेरी बहुत मदद की है. उनके मार्गदर्शन से मुझे गोल्ड मिला है.

मैं प्रोफेसर बनना चाहती हूं : जयश्री

संस्कृत में गोल्ड मेडल पाने वाली जयश्री महतो ने कहा कि मैं आगे प्रोफेसर बनना चाहती हूं. आगे मेरी पढ़ाई जारी रहेगी. मैं पीएचडी करना चाहती हूं. आज मुझे गोल्ड मिला इससे मैं खुश तो हूं, लेकिन मेरे से ज्यादा मेरे माता पिता और गुरु खुश है. सफलता का पूरा श्रेय माता पिता और मेरे गुरु को जाता है. [caption id="attachment_625741" align="aligncenter" width="1600"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/05/Prusotam.jpg"

alt="" width="1600" height="1200" /> हिन्दी में गोल्ड मेडल प्राप्त करने वाले पुरुषोत्तम कुमार पिंटु[/caption]

पढ़ाई के साथ खेलना भी जरूरी :पुरुषोत्तम

हिन्दी में गोल्ड मेडल प्राप्त करने वाले पुरुषोत्तम कुमार पिंटु ने कहा कि मैं क्रिकेट का खिलाड़ी हूं. मैं पढ़ाई के साथ खेल में भी पूरा ध्यान रहता है. मैं ये संदेश देना चाहता हूं कि पढ़ाई हमारे जीवन में जितना जरूरी है, उतना ही खेलाना भी जरूरी है. [caption id="attachment_625743" align="aligncenter" width="1600"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/05/Madhuri.jpg"

alt="" width="1600" height="1200" /> जूलॉजी में गोल्ड मेडल प्राप्त करने वाली माधुरी कुमारी[/caption]

हमे सिलेबस से बाहर पढ़ने की जरूरत: माधुरी

जूलॉजी में गोल्ड मेडल प्राप्त करने वाली माधुरी कुमारी कहा कि हमें केवल सिलेबस पूरा करने में ध्यान नहीं देना चाहिए, उससे बार भी पढ़ने की जरूरत है. रट्टा मारने से नहीं होगा, चीजों को समझना होगा . बीना चिजों को समझे हम सफलता प्राप्त नहीं कर सकते हैं. [caption id="attachment_625745" align="aligncenter" width="1600"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/05/Tejaswi.jpg"

alt="" width="1600" height="1200" /> लॉ में गोल्ड मेडल लेने वाली तेजस्वी[/caption]

मैं ज्यूडिसिरी में जाना चाहती हूं. तेजस्वी

लॉ में गोल्ड मेडल लेने वाली तेजस्वी ने कहा कि मैं ज्यूडिसिरी में जाना चाहती हूं. आज थ्योरी से ज्यादा प्रैक्टिकल में ध्यान देना जरूरी है. पढ़ाई के दौरान हमें मेहनत से पढ़ना चाहिए. टाइम पास नहीं करना चाहिए. हम जितनी मेहनत करेंगे, उतनी ही सफलता मिलेगी.

पढ़ाई की कोई उम्र नहीं होती : योगेंद्र सिंह

ज्योतिषशास्त्र में गोल्ड मेडल प्राप्त करने वाले योगेंद्र सिंह ने कहा कि पीडब्ल्यूडी के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के पद से सेवानिवृत्त होने के बाद ज्योतिषशास्त्र की पढ़ाई शुरू की. पढ़ाई की कोई उम्र सीमा नहीं होती है. मुझे लगता है कि हर किसी को अपना एक लक्ष्य तैयार करना चाहिए और उसी पर चलना चाहिए. [caption id="attachment_625747" align="aligncenter" width="461"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/05/44.jpg"

alt="" width="461" height="1280" /> मास कम्युनिकेशन में टॉपर किरण कुमार साहू[/caption]

पीजी मास कॉम किरण को गोल्ड

मास कम्युनिकेशन में टॉपर किरण कुमार साहू को गोल्ड मेडल मिला है. किरण कुमार साहू सत्र पीजी 2020-22 के छात्र रहे हैं. कुलाधिपति द्वारा उपाधि और गोल्ड मेडल से सम्मानित होने से प्रसन्न किरण कुमार साहू ने कहा कि वह पत्रकारिता और अध्यापन के क्षेत्र में काम करना चाहते हैं. उन्होंने अपनी इस सफलता के लिए अपने विभाग और शिक्षकों को श्रेय दिया. [wpse_comments_template]

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