- हादसे के बाद इंजीनियरों के साथ किया भवनों का निरीक्षण
- सेंट्रल लाइब्रेरी का होगा जीर्णोद्धार, उसके बाद ही खोला जायेगा
- बिल्डिंग मजबूत, पर छत पर पानी जमा होने से छज्जे हो गये हैं कमजोर
- जर्जर हो चुके भवनों में अनधिकृत लोगों का बसेरा, खाली कराया जायेगा
भवन निर्माण विभाग की टीम के साथ किया निरीक्षण
इससे पहले कुलपति प्रो. अजीत कुमार सिन्हा ने भवन निर्माण विभाग के इंजीनियरों की टीम के साथ सेंट्रल लाइब्रेरी भवन का निरीक्षण किया. इंजीनियरों ने बताया कि इस भवन का निर्माण 1960 में एचइसी द्वारा शुरू किया गया था. 1970 इसे पूरा कर रांची विश्वविद्यालय को सौंपा गया था. भवन काफी मजबूत है. पर छज्जों पर पानी का जमाव हो जा रहा है. इस कारण कहीं-कहीं क्रैक हो गया है. प्लास्टर कमजोर होकर झड़ने लगे हैं, जो हादसे का कारण बना.निरीक्षण में ये थे शामिल
रजिस्ट्रार डॉ. एमसी मेहता, डीएसडब्ल्यू सुदेश कुमार साहु, वीसी की ओएसजी स्मृति सिंह, निदेशक बहुउद्देशीय परीक्षा भवन अशोक सिंह, भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक इंजीनियर, सहायक इंजीनियर व कनीय इंजीनियर निरीक्षण में शामिल रहे. इसे भी पढ़ें – पांडेय">https://lagatar.in/pandey-gang-operator-nishi-pandey-is-in-danger-of-breach-of-peace-sp-recommended-this-to-dc/">पांडेयगिरोह की संचालिका निशी पांडे से शांति भंग होने का खतरा, एसपी ने डीसी से की यह अनुशंसा [wpse_comments_template]
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