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एस जयशंकर ने कहा, टैरिफ को ट्रेड और नॉन-ट्रे़ड में हथियार की तरह इस्तेमाल करते हैं ट्रंप, दोहरा मापदंड हमें स्वीकार नहीं

व्यापार-समर्थक अमेरिकी प्रशासन के लोग दूसरों पर व्यापार करने का आरोप लगा रहे हैं. साफ शब्दों में कहा कि आपको(अमेरिका) भारत से तेल या रिफाइंड प्रोडक्ट खरीदने में कोई समस्या है, तो उसे न खरीदें. कोई आपको उसे खरीदने के लिए विवश नहीं कर सकता.
 

New Delhi :  इकोनॉमिक टाइम्स वर्ल्ड लीडर्स फोरम 2025 में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की विदेश नीति,  ट्रेड डील, रूसी तेल खरीद सहित अन्य मामलों को लेकर चर्चा की. डॉ जयशंकर ने  स्पष्ट किया कि ट्रेड डील पर (अमेरिका से) बातचीत और मोलभाव लगातार जारी है. उन्होंने बच्चों वाले अंदाज़ में कहा, हमारी कट्टी नहीं हुई है.

 

 

 #WATCH | Delhi: At The Economic Times World Leaders Forum 2025, EAM Dr S Jaishankar says, "On the issue of mediating (India-Pak conflict), since 1970s, for more than 50 years now, there's a national consensus in this country that we do not accept mediation in our relations with… pic.twitter.com/YtqEE6q2M1

 

रूस से तेल खरीदने को लेकर ट्रंप की प्रतिक्रिया को जयशंकर ने हास्यास्पद करार दिया.  कहा कि व्यापार-समर्थक अमेरिकी प्रशासन के लोग दूसरों पर व्यापार करने का आरोप लगा रहे हैं. साफ शब्दों में कहा कि आपको(अमेरिका) भारत से तेल या रिफाइंड प्रोडक्ट खरीदने में कोई समस्या है, तो उसे न खरीदें. कोई आपको उसे खरीदने के लिए विवश नहीं कर सकता.  

 

 


जयशंकर ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की  विदेश नीति अब तक के किसी भी अमेरिकी राष्ट्रपति की शैली से बिल्कुल अलग है. ट्रंप जिस तरह अपनी घरेलू और वैश्विक नीति को खुलेआम रखते हैं, वो परंपरागत शैली से हटकर है. कहा कि उनकी खासियत है कि वे टैरिफ को ट्रेड और नॉन-ट्रे़ड दोनों मामलों में हथियार की तरह इस्तेमाल करते हैं.

 

 

ट्रेड डील को लेकर जयशंकर ने साफ कहा कि भारत के रेड लाइन्स स्पष्ट हैं. किसानों और छोटे उत्पादकों के हितों से कोई समझौता नहीं होगा. उन्होंने अमेरिका पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि तेल (रूसी) के मुद्दे पर भारत को घेरा जा रहा है, जबकि दुनिया का सबसे बड़ा तेल आयातक चीन और सबसे बड़ा एलएनजी आयातक यूरोपियन यूनियन है. लेकिन उन पर यही मानक लागू नहीं किये जाते.

 


विदेश मंत्री ने भारत-पाकिस्तान युद्ध में मध्यस्थता के ट्रंप के दावों को खारिज करते हुए कहा, 1970 के दशक से राष्ट्रीय सहमति बनी है कि भारत-पाक रिश्तों में किसी भी तरह की मध्यस्थता स्वीकार नहीं की होगी.  

 

सर्जियो गोर होंगे भारत में अमेरिकी राजदूत,  ट्रंप ने की घोषणा

डोनाल्ड ट्रंप ने अपने बेहद करीबी सर्जियो गोर को भारत में अमेरिकी राजदूत नियुक्त करने की घोषणा की है.डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को ट्रुथ सोशल पर कहा, मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि मैं सर्जियो गोर को भारत गणराज्य में हमारा अगला अमेरिकी राजदूत और दक्षिण एवं मध्य एशियाई मामलों के लिए विशेष दूत नियुक्त कर रहा हूं

 


राष्ट्रपति ने बताया कि वह गोर को भारत में क्यों चाहते हैं. कहा कि दुनिया के सबसे ज़्यादा आबादी वाले इस क्षेत्र में  यह ज़रूरी है कि मेरे पास कोई ऐसा व्यक्ति हो जिस पर मैं पूरी तरह भरोसा कर सकूं और जो मेरे एजेंडे को पूरा करने में सहायक हो. और अमेरिका को फिर से महान बनाने में हमारी मदद करे.  

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